ज्योतिषाचार्य पं. प्रदीप पांडे कहते हैं कि इस बार महाशिवरात्रि बहुत खास मानी जा रहेगी। दरअसल इस दिन कई दुर्लभ योगों का संयोग बन रहा है। इसलिए इस दिन श्रद्धा से पूजा और व्रत करने का दोगुना फल मिलेगा।
इस साल देवों के देव शिव भगवान को समर्पित महाशिवरात्रि का पर्व 18 फरवरी को मनाया जाएगा। आपको बता दें कि महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार यह तिथि 18 फरवरी को पड़ रही है। मान्यता है कि इसी दिन शिव जी और मां पार्वती का गठबंधन हुआ था। इसीलिए शिव पार्वती की कृपा पाने के लिए महाशिवरात्रि का व्रत बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन देवों के देव महादेव और मां पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन की सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं। ज्योतिषाचार्य पं. प्रदीप पांडे कहते हैं कि इस बार महाशिवरात्रि बहुत खास मानी जा रहेगी। दरअसल इस दिन कई दुर्लभ योगों का संयोग बन रहा है। इसलिए इस दिन श्रद्धा से पूजा और व्रत करने का दोगुना फल मिलेगा।
महाशिवरात्रि पर त्रयोदशी का संयोग
शिवरात्रि और प्रदोष व्रत दोनों ही शिव जी को अति प्रिय हैं। वैसे तो प्रदोष व्रत हर माह में त्रयोदशी तिथि पर होता है। लेकिन इस साल महाशिवरात्रि और शनि प्रदोष व्रत की पूजा का संयोग एक साथ बन रहा है। इसके अलावा इसी दिन सर्वार्थ सिद्धि योग भी बन रहा है। ऐसे में इस दिन व्रत रख कर पूजा करने से दोगुने फल की प्राप्ति होगी।
प्रदोष व्रत और महाशिवरात्रि एक ही दिन
इस साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 17 फरवरी 2023 को रात 11 बजकर 36 मिनट से शुरू हो रही है। अगले दिन 18 फरवरी 2023 को रात 08 बजकर 2 मिनट पर इसका समापन होगा। इसके बाद 18 फरवरी को रात 8 बजकर 2 मिनट से चतुर्दशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी और महाशिवरात्रि की पूजा रात्रि के चार प्रहर में करने का विधान माना जाता है। ऐसे में इस साल महाशिवरात्रि के दिन यानी 18 फरवरी को सूर्योदय से लेकर अगले दिन 19 फरवरी सूर्योदय तक भोलेनाथ को खुश करने का खास अवसर माना जा रहा है। पूरे 24 घंटे शिव जी की पूजा बेहद फलदायी होगी।
महाशिवरात्रि 2023 मुहूर्त
निशिता काल मुहूर्त - 19 फरवरी 2023 को रात में 12 बजकर 15 मिनट से देर रात 01 बजकर 06 मिनट तक
शिव जी को प्रसन्न करने के लिए बेहद खास रहेगा।
प्रथम प्रहर - 18 फरवरी 2023 को शाम 06 बजकर 21 मिनट से रात 9 बजकर 31 मिनट तक
द्वितीय प्रहर - रात 9 बजकर 31 मिनट से 19 फरवरी 2023, प्रात: 12 बजकर 41 मिनट तक
तृतीय प्रहर- 19 फरवरी 2023 को सुबह 12 बजकर 41 मिनट से सुबह 03 बजकर 51 मिनट तक
चतुर्थ प्रहर - 19 फरवरी 2023 को सुबह 03 बजकर 51 मिनट से सुबह 7 बजे तक
शनि प्रदोष व्रत पूजा समय
18 फरवरी 2023 को शाम 6 बजकर 21 मिनट से रात 8 बजकर 2 मिनट तक।
सर्वार्थ सिद्धि योग - 18 फरवरी 2023, शाम 5 बजकर 42 मिनट से 19 फरवरी को सुबह 7 बजे तक रहेगा।