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Radhastami 2019 : राधाष्टमी के दिन कर लें ये उपाय, हर कोई करने लगेगा आपसे भरपूर प्यार

Radhastami today 6 September : प्रेम की प्रति मूर्ति देवी राधा को प्रसन्न करने के लिए यह छोटा सा उपाय किया जाएं तो उपाय कर्ता को जीवन अनेक लोग भरपूर प्यार करते हैं। जानें राधाष्टमी के दिन कौन सा उपाय करें की राधा रानी की कृपा से जीवन में प्रेम का संचार होने लगे।
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Sep 06, 2019
Radhastami : Today 6 September 2019
Radhastami 2019 : राधाष्टमी के दिन कर लें ये उपाय, हर कोई करने लगेगा आपसे भरपूर प्यार

राधाष्टमी का पर्व 6 सितंबर 2019 को है। इस श्रीकृष्ण भगवान की प्रेयसी राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाता है। कहा जाता है कि इस दिन प्रेम की प्रति मूर्ति देवी राधा को प्रसन्न करने के लिए यह छोटा सा उपाय किया जाएं तो उपाय कर्ता को जीवन अनेक लोग भरपूर प्यार करते हैं। जानें राधाष्टमी के दिन कौन सा उपाय करें की राधा रानी की कृपा से जीवन में प्रेम का संचार होने लगे।

सभी स्त्री पुरूष की कामना रहती है कि वे जिससे प्रेम करते हैं उनका प्रेम स्थाई रहे और हमेशा के लिए उनकी प्रेम कहानी अमर हो जाएं। यहां अटूट प्रेम होता है वहां विश्वास और जिन प्रेमियों में पूर्ण विश्वास होता हैं उनका प्रेम स्थाई ही होता है। भगवान श्री विष्णु के अवतार योगेश्वर श्रीकृष्ण और माता महालक्ष्मी की अवतार श्री राधा रानी जी की अमर प्रेम कहानी के किस्से सदियों से पड़ते और सुनते आएं है। राधा-कृष्ण का स्मरण करने मात्र से शरीर को रोम-रोम पुलकित होने लगता है।

धर्म ग्रंथों में उल्लेख आता हैं कि भगवान श्रीकृष्ण देवी राधा रानी को राधा नाम के अलावा अनेक नामों से पुकारते थे और राधा जी कहीं भी तो तुरंत श्रीकृष्ण के पास पहुंच जाती थी। इसी से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने राधा जी को वरदान दिया था भविष्य में जो भी मनुष्य अपने जीवन में स्थाई प्रेम की कामना से श्री राधा जी के इन विशेष 32 नामों का श्रद्धाभाव से जप या उच्चारण करेगा, श्री राधा जी की कृपा से उनकी मनोकामनां पूर्ण होगी। तभी लोग अपने प्रेम की पूर्णता के लिए राधा जी के 32 नामों का जप करते हैं ।

ब्रह्मवैवर्त पुराण में तो स्वयं भगवान श्री विष्णुजी कहते हैं कि अगर कोई भक्त अनजाने मैं भी राधा जी का नाम लेता है तो मैं स्वयं उसकी रक्षा के लिए सुदर्शन चक्र लेकर चलने लगता हूं, स्वयं भगवान शंकर जी अपना त्रिशूल लेकर चलते हैं, और उसके दाहिने ओर देवराज इंद्र वज्र लेकर चलते हैं, एवं बाईं ओर वरुण देव छत्र लेकर चलते हैं। राधा जी के नाम की महिमा कितनी महान और फलदायी है।

राधाष्टमी के दिन राधा जी के इन नाम का जप करें-

1- मृदुल भाषिणी श्री राधा - राधा ।।
2- सौंदर्य राषिणी श्री राधा - राधा ।।
3- परम् पुनीता श्री राधा - राधा ।।
4- नित्य नवनीता श्री राधा - राधा ।।
5- रास विलासिनी श्री राधा - राधा ।।
6- दिव्य सुवासिनी श्री राधा - राधा ।।
7- नवल किशोरी श्री राधा - राधा ।।
8- अति ही भोरी श्री राधा - राधा ।।
9- कंचनवर्णी श्री राधा - राधा ।।
10- नित्य सुखकरणी श्री राधा - राधा ।।
11- सुभग भामिनी श्री राधा - राधा ।।
12- जगत स्वामिनी श्री राधा - राधा ।।
13- कृष्ण आनन्दिनी श्री राधा - राधा ।।
14 आनंद कन्दिनी श्री राधा - राधा ।।
15- प्रेम मूर्ति श्री राधा - राधा ।।

16- रस आपूर्ति श्री राधा - राधा ।।
17- नवल ब्रजेश्वरी श्री राधा - राधा ।।
18- नित्य रासेश्वरी श्री राधा - राधा ।।
19- कोमल अंगिनी श्री राधा - राधा ।।
20 - कृष्ण संगिनी श्री राधा - राधा ।।
21- कृपा वर्षिणी श्री राधा - राधा ।।
22- परम् हर्षिणी श्री राधा - राधा ।।
23- सिंधु स्वरूपा श्री राधा - राधा ।।
24- परम् अनूपा श्री राधा - राधा ।।
25- परम् हितकारी श्री राधा - राधा ।।
26- कृष्ण सुखकारी श्री राधा - राधा ।।
27- निकुंज स्वामिनी श्री राधा - राधा ।।
28- नवल भामिनी श्री राधा - राधा ।।
29- रास रासेश्वरी श्री राधा - राधा ।।
30- स्वयं परमेश्वरी श्री राधा - राधा ।।
31- सकल गुणीता श्री राधा - राधा ।।
32- रसिकिनी पुनीता श्री राधा - राधा ।।

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Published on:
06 Sept 2019 10:28 am