
Raksha Bandhan Rakhi to gods: रक्षाबंधन पर पहली राखी ईश्वर को ही बांधनी चाहिए। इससे ईश्वर हर संकट से रक्षा करते हैं। ईश्वर को राखी घर का पुरुष और महिला दोनों बांध सकते हैं। ज्योतिषाचार्या एवं टैरो कार्ड रीडर नीतिका शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जिन बहनों के भाई नहीं होते, वो भी देवों को भाई मान कर राखी बांध सकती हैं। अलग-अलग लोग अलग-अलग देवताओं को राखी बांधते हैं। सबसे पहले देवी-देवताओं को राखी अर्पित करने से भाई-बहन को आशीर्वाद प्राप्त होता है। हिंदू धर्म में रक्षाबंधन के त्योहार का विशेष महत्व है। इस साल रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाने वाला है। यह पवित्र त्यौहार भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है।
गणेश जी देवताओं में प्रथम पूजनीय माने जाते हैं। इस कारण रक्षाबंधन के दौरान सबसे पहले गणपति जी को राखी अर्पित करें। ऐसा करने से सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।
हनुमान जी इस शुभ अवसर पर राखी बांधना बहुत फलदायी माना जाता है। साथ ही जिन बहनों को अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने का मौका नहीं मिलता है, वे हनुमान जी को राखी बांध सकती हैं।
रक्षाबंधन के पवित्र अवसर पर कई लोग महादेव को राखी चढ़ाते हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से शिव जी प्रसन्न होते हैं। भक्त को सभी समस्याओं से मुक्ति मिलती है।
रक्षाबंधन के दिन कई बहनें भगवान श्री कृष्ण को अपना भाई मानकर राखी बांधती हैं। कहा जाता है कि पूरी श्रद्धा से ऐसा करने पर श्री कृष्ण भक्तों की रक्षा करते हैं।
व्यक्ति के जीवन में गुरु और शिक्षक का महत्वपूर्ण स्थान होता है। ईश्वर जन्म देता है तो गुरु मार्गदर्शन करता है और जीवन का बोध कराता है। अच्छे बुरे का भेद बताता है। शिक्षक के बिना हमें न सत्कर्म का ज्ञान हो सकता है और न ही ईश्वर का। संसार में केवल अधर्म, अराजकता और भय का वातावरण रहेगा। इसलिए समाज के प्रति उनके योगदान को देखते हुए राखी बांधकर उनका आभार प्रकट करना चाहिए। इसलिए इस दिन अपने गुरुजनों को रक्षा सूत्र बांधना चाहिए।
सैनिक को हम केवल वीरगति प्राप्त होने या स्वतंत्रता दिवस इत्यादि अवसरों पर ही याद करते हैं। लेकिन वह हमारी रक्षा के लिए परिवारवालों, समाज, मित्रों और सुख-सुविधाओं का त्याग कर जान हथेली पर रखकर घर से दूर खड़ा रहता है। इसलिए उनको राखी बांधकर अपनेपन का एहसास कराना चाहिए। रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर यदि महिलाएं सीमा पर या छावनी में जाकर सैनिकों को राखी बांधें तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा।
पेड़ पौधों में भी प्राण होते है। हमारे देश के वैज्ञानिक जेसी बसु ने सिद्ध किकया था कि पेड़ पौधे संवेदनशील होते हैं और वो महसूस कर सकते हैं। आपने देखा होगा कि सकारात्मक वातावरण में पेड़ अच्छे से फलता-फूलता है जबकि एक नकारात्मक वातावरण में वह मुरझा जाता है। इसलिए उसे प्रेम और आत्मीयता की आवश्यकता होती है। वहीं उससे मिली आक्सीजन पृथ्वी पर जीवन के लिए बहुत जरूरी है। इसलिए हिंदू धर्म में सभी प्रकार के पेड़-पौधों की पूजा का विधान है। ऐसे में रक्षाबंधन पर पेड़ पौधों को राखी बांधकर उनका आभार जताना चाहिए।
इस दिन बहनों को सुबह स्नान करने के बाद भगवान को एक थाली में सुंदर सजी हुई राखियां चढ़ानी चाहिए। फिर उनके माथे पर कुमकुम और चावल लगाएं। इसके बाद उन्हें राखी बांधें और उनकी आरती उतारें। भगवान को लड्डुओं का भोग लगाएं। इस दौरान उनसे जीवन भर रक्षा करने की प्रार्थना करनी चाहिए।