New Rule For TCS : बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ सेवा एवं अन्य पर्सनल कामों के लिए विदेश रुपए भेजने पर अब सरकार की होगी नजर RBI की लिबरलाइज्‍ड रेमिटेंस स्‍कीम (LRS) के तहत विदेश पैसा भेजने पर लगेगा टैक्‍स कलेक्‍टेड एट सोर्स
नई दिल्ली। अगर आप विदेश में पढ़ रहे अपने बच्चे या रिश्तेदार को रुपए भेजते हैं तो अब आपको टैक्स चुकाना होगा। सरकार ने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत विदेश में पैसा भेजने पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) लगाने का फैसला लिया है। ये नए नियम 1 अक्टूबर से लागू होंगे। अब 2.5 लाख डॉलर से ज्यादा रकम सालाना भेजने पर 5 फीसदी टीसीएस चुकाना होगा।
अभी तक गिफ्ट, इलाज, प्रॉपर्टी में निवेश, रिश्तेदार की मदद, हॉस्पिटल का भुगतान के नाम पर विदेश भेजे जाने वाले पैसों पर कोई टैक्स नहीं लगता था। ऐसे में इन्हें इनकम टैक्स के दायरे में लाने और विदेश भेजने जाने वाले रुपयों की निगरानी के लिए सरकार ने ये नया नियम बनया है। ये टीडीएस से अलग होगा। टीसीएस में अगर कोई व्यक्ति 100 रुपए विदेश भेजता है और उस पर प्राप्तकर्ता को पूरे 100 रुपए मिलेंगे। मगर इसी दौरान भेजने वाले से 5 रुपए अलग से लिए जाएंगे। हालांकि बाद में ये उनके पैन में क्रेडिट कर दिए जाते हैं। जबकि टीडीएस (TDS) में 100 रुपए विदेश भेजने पर प्राप्तकर्ता को 5 रुपए काटकर 95 रुपए मिलेंगे। चूंकि देश में तमाम टैक्स पेयर्स पर TDS लागू होता है। ऐसे में विदेश भेजने वाले टैक्स पेयर्स पर अतरिक्त बोझ न पड़े इसलिए जो TDS चुकाते हैं उन पर TCS से संबंधित प्रावधान लागू नहीं होंगे।
हालांकि नए नियम के तहत सरकार ने कुछ छूट भी दी है। इसके तहत अगर ट्रांजैक्शन 700,000 रुपए से कम है तो इस पर कोई अतिरिक्त कर नहीं लगेगा। अगर कोई व्यक्ति विदेश टूर पैकेज (tour package) लेता है तो उस पर टीसीएस नहीं लगेगा। उसे टैक्स में छूट मिलेगी। भारतीय आरबीआई की एलआरएस के तहत 2.5 लाख डॉलर सालाना तक भेज सकते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य कामों पर भी टैक्स में राहत मिलेगी।