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Home Loan Interest Rate: सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक या HFCs, होम लोन पर कहां है सबसे कम ब्याज दर, देखिए लिस्ट

Lowest Home Loan Interest Rate: होम लोन लेते समय विभिन्न बैंकों और HFCs की ब्याज दरों की तुलना जरूर कर लेनी चाहिए। जहां कम रेट हो, वहां से लोन लेना बेहतर है।

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Home Loan Rates: बैंक और HFC की ब्याज दरों में अंतर होता है। (PC: Freepik)

Home Loan की ब्याज दरों का घर खरीदने की लागत में अहम रोल होता है। इसलिए होम लोन लेते समय यह जानना जरूरी है कि कौनसा बैंक कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करवा रहा है। होम लोन सरकारी बैंक, प्राइवेट बैंक और हाऊसिंग फाइनेंस कंपनियों से लिया जा सकता है। लेकिन सभी की ब्याज दरें अलग-अलग होती हैं।

बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां क्रेडिट स्कोर, चुकाने की क्षमता, आपके रोजगार और लोन की रकम के आधार पर ब्याज दरें तय करती हैं। होम लोन की दरें RBI की रेपो रेट से जुड़ी होती हैं। फिलहाल RBI ने अपनी रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा है। इस आर्टिकल में हम आपको कुछ प्रमुख बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों की होम लोन रेट के बारे में बताएंगे, जिस आधार पर आप अपने लिए सही होम लोन चुन सकते हैं।

बैंक और हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां यानी HFC दोनों के बीच ब्याज दर, लोन अप्रूवल, लोन अमाउंट जैसे मामलों में बड़ा अंतर होता है। सही लेंडर चुनने से न सिर्फ EMI का बोझ कम होता है, बल्कि लोन मिलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

किसकी ब्याज दरें होती है कम

बैंक होम लोन की ब्याज दर RBI के नियमों के तहत MCLR यानी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट के आधार पर तय करते हैं। इसमें RBI एक बेस रेट तय करता है और बैंक उस पर एक छोटा स्प्रेड जोड़ते हैं। यानी अगर बेस रेट 7 फीसदी है तो बैंक 0.5 फीसदी जोड़कर 7.5 फीसदी पर लोन दे सकता है। RBI जब रेपो रेट घटाता है तो बैंक यह फायदा जल्दी ग्राहकों तक पहुंचाते हैं।

वहीं, HFC अपनी PLR यानी प्राइम लेंडिंग रेट के आधार पर ब्याज तय करती हैं जो RBI के सीधे नियंत्रण में नहीं होती। इसलिए HFC की दरें आमतौर पर बैंकों से थोड़ी ज्यादा होती हैं। हालांकि, कुछ HFC मार्केट में कंपटीशन के कारण दरें कम भी रखती हैं।

सरकारी बैंकों में होम लोन पर ब्याज दर (Public Sector Banks)

बैंक का नाम₹30 लाख तक के लोन पर ब्याज दर₹30 लाख से ₹75 लाख तक के लोन पर ब्याज दर₹75 लाख से अधिक के लोन पर ब्याज दर
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)7.25% - 8.95%7.25% - 8.95%7.25% - 8.95%
बैंक ऑफ बड़ौदा7.20% - 9.00%7.20% - 9.00%7.20% - 9.25%
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया7.15% - 9.60%7.15% - 9.60%7.15% - 9.60%
पंजाब नेशनल बैंक7.25% - 9.25%7.20% - 9.15%7.20% - 9.15%
बैंक ऑफ इंडिया7.10% - 10.00%7.10% - 10.00%7.10% - 10.25%
केनरा बैंक7.25% - 10.00%7.20% - 10.00%7.15% - 9.90%
स्रोत: Paisabazaar

प्राइवेट बैंकों में होम लोन पर ब्याज दर (Private Sector Banks)

बैंक का नाम₹30 लाख तक के होम लोन पर रेट₹30 लाख से ₹75 लाख तक के होम लोन पर रेट₹75 लाख से अधिक के होम लोन पर रेट
कोटक महिंद्रा बैंक7.60% से शुरू7.60% से शुरू7.60% से शुरू
ICICI बैंक7.50% से शुरू7.50% से शुरू7.50% से शुरू
एक्सिस बैंक8.00% - 11.90%8.00% - 11.90%8.00% - 9.10%
HSBC बैंक7.45% से शुरू7.45% से शुरू7.45% से शुरू
साउथ इंडियन बैंक7.20% से शुरू7.20% से शुरू7.20% से शुरू
करूर वैश्य बैंक8.50% - 10.65%8.50% - 10.65%8.50% - 10.65%
स्रोत: Paisabazaar

हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां में होम लोन पर रेट (HFCs)

कंपनी का नाम₹30 लाख तक के लोन पर ब्याज दर₹30 लाख से ₹75 लाख तक के लोन पर ब्याज दर₹75 लाख से अधिक के लोन पर ब्याज दर
LIC हाउसिंग फाइनेंस7.15% से शुरू7.15% से शुरू7.15% से शुरू
बजाज हाउसिंग फाइनेंस7.25% से शुरू7.25% से शुरू7.25% से शुरू
टाटा कैपिटल8.00% से शुरू8.00% से शुरू8.00% से शुरू
PNB हाउसिंग फाइनेंस7.50% से शुरू7.50% से शुरू7.50% से शुरू
GIC हाउसिंग फाइनेंस8.20% से शुरू8.20% से शुरू8.20% से शुरू
SMFG इंडिया होम फाइनेंस9.35% से शुरू9.35% से शुरू9.35% से शुरू
स्रोत: Paisabazaar

लोन जल्दी कहां पास होता है?

बैंक RBI की कड़ी निगरानी में काम करते हैं, इसलिए उनकी डॉक्युमेंटेशन और एलिजिबिलिटी प्रक्रिया काफी सख्त होती है। 750 से कम क्रेडिट स्कोर या अधूरे दस्तावेज होने पर बैंक से लोन मिलना मुश्किल हो सकता है। HFC इस मामले में ज्यादा लचीली होती हैं। उनके क्रेडिट स्कोर के पैरामीटर अलग होते हैं और डॉक्युमेंटेशन की शर्तें भी कम कड़ी होती हैं। इसीलिए ऐसे लोग जिन्हें बैंक से लोन नहीं मिलता वे अक्सर HFC से लोन लेते हैं।

आपके लिए कौन सा विकल्प सही

अगर आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है, दस्तावेज पूरे हैं और कम ब्याज दर चाहिए तो बैंक बेहतर विकल्प है। लेकिन अगर आप सेल्फ-एम्प्लॉयड हैं, ज्यादा लोन अमाउंट चाहिए या दस्तावेजों में कोई कमी है तो HFC एक व्यावहारिक और सुलभ विकल्प साबित हो सकती है।