-7वें वेतन आयोग ( 7th Pay Commission ) के तहत केंद्रीय कर्मचारियों ( Govt Employee ) के कई तरह के भत्ते मिलते हैं।-इसमें चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस ( Children Education Allowance ) भी शामिल है। -इसे केंद्र सरकार ने 1962 में ‘रिइंबर्समेंट ऑफ ट्यूशन फीस’ नाम दिया था, जिसे बाद में बदलकर चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस रखा गया।-केंद्रीय कर्मचारियों को दो बच्चों के लिए चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस मिलता है।
नई दिल्ली।
7वें वेतन आयोग ( 7th Pay Commission ) के तहत केंद्रीय कर्मचारियों ( Govt Employee ) के कई तरह के भत्ते मिलते हैं। इसमें चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस ( Children Education Allowance ) भी शामिल है। इसे केंद्र सरकार ने 1962 में ‘रिइंबर्समेंट ऑफ ट्यूशन फीस’ नाम दिया था, जिसे बाद में बदलकर चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस रखा गया।
नियम के मुताबिक, केंद्रीय कर्मचारियों को दो बच्चों के लिए चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस मिलता है। हालांकि, अगर दूसरी संतान जुड़वां है तो पहली संतान के साथ जुड़वां बच्चों को भी इसका फायदा मिलेगा। इसके अलावा नसबंदी ऑपरेशन के फेल होने के परिणाम स्वरूप बच्चे का जन्म हुआ हो तो भी इसका फायदा मिलता है।
कितना मिलता है चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस
चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस के रूप में केंद्रीय कर्मचारियों को 2250 रुपए प्रति माह तय भत्ता मिलता है। यानि दो बच्चों के लिए यह रकम 4500 रुपए महीना होगी। हालांकि अगर दोनों अभिभावक सरकारी नौकरी में हैं तो एक ही उसे क्लेम कर सकता है। आपको बता दें कि 7वें वेतन आयोग (7th pay commission) के तहत केंद्रीय कर्मचारियों
कैसे मिलेगा इसका फायदा
7वें वेतन आयोग (7th pay commission) के तहत हर सरकारी कर्मचारी इसका फायदा ले सकता है। इसके लिए उसे स्कूल के हेड को प्रमाणपत्र देना होगा जिसे दफ्तर में अलाउंस क्लेम के लिए दाखिल करना होगा। प्रमाणपत्र से यह बात लिखी होगी कि बच्चा उस संस्थान का छात्र/छात्रा है और उस साल उसने वहां पढ़ाई की।
इसके लिए स्कूल के हेड के सर्टिफिकेट के साथ कर्मचारी को बच्चे के रिपोर्ट कार्ड की सेल्फ अटेस्टेड कॉपी और फीस की रसीद भी लगानी होगी। चिल्ड्रन फीस अलाउंस का फॉर्मूला पहली बार छठे वेतन आयोग में ही लागू हुआ था। इस भत्ते को हासिल करने के लिए बहुत ज्यादा दस्तावेजों की भी जरूरत नहीं होती है।