
नई दिल्ली। अब देश के सरकारी बैंकों ( Government Banks ) ने भी प्राइवेट बैंकों की राह पकड़ ली है। देश के पांच बड़े सरकारी बैंकों को समझ में आ गया है कि अगर कैपिटल का इंतजाम नहीं किया तो आने वाले महीनों में उनके सामने बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। ऐसे में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ( SBI ), बैंक ऑफ बड़ौदा ( BOB ), पंजाब नेशनल बैंक ( PNB ) और यूनिसन बैंक ऑफ इंडिया ( UBI ) बाजार में उतरने वाली हैं। ताकि अपने शेयरों को बेचकर पूंजी जुटा सके। जानकारी के अनुसार पांचों बैंक क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट ( Qualified Institutional Placement ) यानी क्यूआईपी के माध्यम से कैपिटल जमा कर सकते हैं। कुछ दिन पहले आईसीआईसीआई बैंक ने भी इसी तरह से पूंजह जुटाई थी।
कब करेंगे शेयरों की बिकवाली
एसबीआई के अलावा दूसरे सरकारी बैंक दूसरी तिमाही के नतीजों को जारी करने के बाद इस बारे में फैसला कर सकते हैं। जानकारों की मानें तो पांचों बैंक की अक्टूबर के आखिरी हफ्ते तक एनपीए, कर्ज पुनर्गठन और रेटिंग को लेकर तस्वीर साफ हो जाएगी। जिसके बाद बैंक शेयर बिक्री के लिये समय, मात्रा, मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति समेत बाकी औपचारिकताओं पर काम शुरू कर सकते हैं।
पीएनबी की ओर से पहले की आ चुका है संकेत
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार एसबीआई, पीएनबी, बीओबी और यूबीआई मौजूदा वित्त वर्ष की तीसरी या चौथी तिमाही में पूंजी जुटाने का प्रयास कर सकते हैं। जानकारों की माने तो पूंजी पूंजी जुटाने के लिए बैंकों की ओर तैयार की जा रही योजना से कैश की किल्लत के साथ घरेलू और वैश्विक निवेशकों के लिए विभिन्न क्यूआईपी में भागीदारी को लेकर गुंजाइश भी बनेगी। पीएनबी की ओर से तो पहले ही बाजार में आने के संकेत दे दिए थे।
प्राइवेट बैंक जुटा चुके हैं पूंजी
सरकारी बैंकों से पहले प्राइवेट बैंकों की ओर से इसमें तजी दिखाई है। आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक समेत कई प्राइवेट बैंकों की ओर से क्यूआईपी के जरिए पिछले तीन महीनों में पूंजी जुटा चुके हैं। सार्वजनिक क्षेत्र के ज्यादातर बैंकों को चालू वित्त वर्ष में बांड और शेयर के जरिए पूंजी जुटाने की मंजूरी पहले ही शेयरधारकों की ओर दी जा चुकी है।