
नई दिल्ली। दूध-दही से लेकर आस्क्रीम और चॉकलेट्स जैसे तमाम डेयरी प्रोडक्ट बनाने वाली अमूल कंपनी भारतीय घरों का एक हिस्सा बन चुकी है। लोग रोजमर्रा से लेकर खास मौकों पर अमूल के प्रोडक्ट्स खरीदना पसंद करते हैं। यही वजह है कि कंपनी लगातर बुलंदियों को छू रही है। हाल ही में इसने एक और नई उपलब्धि हासिल की। कंपनी ने IFCN की रैंकिंग में आठवें पायदान पर जगह बनाई है। इसी के साथ अमूल दुनिया की टॉप-10 डेयरी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो गई है।
इस बात की जानकारी गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ के मैनेजिंग डायरेक्टर आर एस सोढ़ी ने ट्वीट के जरिए दी। उन्होंने बताया कि साल 2012 की रैंकिंग में अमूल 18वें स्थान पर थी, लेकिन इस बार कंपनी ने छलांग लगाई है और आठवें पायदान पर जगह बनाने में कामयाबी हासिल की है। हाल ही में कंपनी ने अपने 75 साल पूरे किए थे। कंपनी ने 1945-46 में कारोबार शुरू किया था। इसकी नींव सरदार वल्लभ भाई पटेल ने रखी थी। इसकी शुरुआत सहकारी योजना के तहत हुई थी। कंपनी ने सबसे पहले Bombay Milk Scheme लांच की थी।
रोजाना 33 लाख लीटर दूध का उत्पादन
जब कंपनी ने अपना कारोबार शुरू किया था तो इसकी क्षमता सिर्फ 250 लीटर प्रतिदिन की थी। मगर अब ये बढ़ लगभग 33 लाख लीटर रोजाना हो गई है। इस वक्त कंपनी के पास कुल 7.64 लाख मेंबर्स हैं। कंपनी की प्रतिदिन की हैंडलिंग क्षमता 50 लाख लीटर तक है। बताया जाता है कि अमूल पूरी दुनिया के दूध उत्पादन में 1.2 प्रतिशत हिस्सा मुहैया कराती है।