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Investment Tips: 3 महीने से लेकर 1 साल के लिए लगाना है पैसा? ये 3 ऑप्शन दे सकते हैं अच्छा रिटर्न

Short Term Funds: शॉर्ट-टर्म के लिए अपने पैसों को सुरक्षित रखने और बैंक सेविंग अकाउंट से ज्यादा रिटर्न पाने के लिए तीन ऐसे निवेश के ऑप्शन हैं, जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए। इनकी निवेश अवधि 7 दिन से लेकर 1 साल तक की होती है।
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Benefits Of Short Term Investment

1 साल की अवधि तक के निवेश को Short-Term Investment कहते हैं। (PC: AI)

निवेश करने के बहुत से तरीके हैं, जैसे कि शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड, रियल एस्टेट, SIP और बैंक एफडी। लेकिन जब बात आती है ऐसी रकम की जिसकी जरूरत अगले कुछ हफ्तों या महीनों बाद हो, तो वहां इक्विटी और SIP जैसे निवेश बेहतर नहीं हैं। वहीं, बात करें सेविंग अकाउंट में पैसा जमा करने की तो वहां सिर्फ 2.5 से 3 फीसदी का रिटर्न मिलता है। ऐसे में यहां हम आपको तीन ऐसे निवेश ऑप्शन बता रहे हैं, जहां शॉर्ट टर्म में अच्छा रिटर्न मिल सकता है।

क्या होता है शॉर्ट-टर्म इन्वेस्टमेंट

शॉर्ट-टर्म इन्वेस्टमेंट में निवेश कुछ दिनों से लेकर एक साल की अवधि तक के लिए किया जाता है। यह ऐसा निवेश होना चाहिए जिसमें जोखिम कम हो और अच्छा रिटर्न मिल जाए। साथ ही निवेश विकल्प में लिक्विडिटी भी अच्छी रहे।

3 महीने के लिए करें लिक्विड फंड में निवेश

ट्रेजरी बिल, सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट और कमर्शियल पेपर जैसे लिक्विड फंड में सिर्फ 91 दिनों की अवधि के लिए निवेश किया जाता है। कम अवधि के कारण इनमें ब्याज दरों के उतार-चढ़ाव का असर बहुत कम होता है। इनका रिटर्न निश्चित नहीं होता, बल्कि बाजार की मौजूदा ब्याज दरों पर निर्भर करता है। आमतौर पर ये सेविंग अकाउंट से बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। सबसे ज्यादा फायदा यह होता है कि पैसा एक वर्किंग डे में वापस मिल जाता है।

6 महीनों के लिए क्या है बेहतर विकल्प?

अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड उन निवेशकों के लिए बेहतर हैं, जिन्हें 6 महीने बाद किसी निश्चित खर्च, जैसे स्कूल फीस, बीमा प्रीमियम या किसी खरीदारी के लिए पैसों की जरूरत होगी। अल्ट्रा शॉर्ट ड्यूरेशन फंड की निवेश अवधि 3 से 6 महीने के बीच होती है। ये लिक्विड फंड की तुलना में थोड़ी लंबी अवधि वाले बॉन्ड होते हैं और इनमें आमतौर पर लिक्विड फंड से थोड़ा अधिक रिटर्न मिलने की संभावना रहती है। ज्यादातर फड्स में एग्जिट लोड नहीं होता और पैसा निकालने के लिए एक वर्किंग डे लगता है।

1 साल के लिए बेहतर है FD

शॉर्ट-टर्म एफडी बैंक द्वारा 7 दिनों से 12 महीनों तक के निवेश के लिए ऑफर की जाती है। इसमें निवेश के समय ही ब्याज दर तय हो जाती है और मैच्योरिटी पर मूलधन के साथ ब्याज वापस मिलता है। तीनों विकल्पों में केवल एफडी ही ऐसा साधन है जिसमें रिटर्न पूरी तरह गारंटीड होता है। हालांकि, मैच्योरिटी से पहले एफडी तोड़ने पर बैंक पेनल्टी वसूल सकते हैं और ब्याज दर भी कम हो सकती है। यह विकल्प उन निवेशकों के लिए उपयुक्त है जो निश्चित रिटर्न चाहते हैं और जिन्हें तय समय से पहले पैसे की जरूरत पड़ने की संभावना कम है।