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बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 51 शाखाएं हुईं बंद, इस वजह से लिया फैसला

बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने बैंकिंग क्षेत्र में लागत कटौती के उपायों पर अमल करते हुए अपनी 51 शाखाओं को बंद करने की घोषणा की है।
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Oct 03, 2018
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बैंक ऑफ महाराष्ट्र की 51 शाखाएं हुईं बंद, इस वजह से लिया फैसला

नई दिल्ली। बैंक ऑफ महाराष्ट्र (बीओएम) ने बैंकिंग क्षेत्र में लागत कटौती के उपायों पर अमल करते हुए अपनी 51 शाखाओं को बंद करने की घोषणा की है। पुणे मुख्यालय के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि ये सारी शाखाएं शहरी क्षेत्रों में हैं, जिन्हें बंद करने के लिए चिह्नित किया गया है। इन शाखाओं को अलाभकारी घोषित किया गया है।

बैंक ने बंद की 51 शाखाएं
पहचान बताने से मना करते हुए बैंक के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन 51 शाखाओं को बंद करके उनका विलय पास की शाखाओं में कर दिया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के किसी बैंक द्वारा महाराष्ट्र में उठाया गया यह पहला कदम है। बीओएम की देशभर में 1,900 शाखाएं हैं। बीओएम ने सोमवार को अपनी घोषणा में कहा कि बैंक ने लोगों की सुविधा के लिए इन शाखाओं का विलय कर दिया है।

रद हुए आईएफएससी और एमआईसीआर कोड
इन शाखाओं के आईएफएससी कोड और एमआईसीआर कोड रद कर दिए गए हैं और सभी बचत, चालू व अन्य खाते विलय की गईं शाखाओं में स्थानांतरित कर दिए गए हैं। बंद की गईं शाखाओं के सभी ग्राहकों को उनको पहले जारी किए गए चेकबुक 30 नवंबर तक वापस जमा करने व नई शाखा के आईएफसीएस/एमआईसीआर कोड के साथ भुगतान उपकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है।

अब तक कई बैंकों का भी हो चुका है विलय
एनपीए के बोझ तले देश के बैंक दबे हुए हैं। जिसकी वजह से कई बैंकों का एक बैंक में विलय हो रहा है। जब से पीएनबी का मामला सामने आया है्र तब से देश के सभी बैंकों के एरनपीए सामने आए हैं। कई बैंकों को इतना नुकसान हो रहा है कि सरकार को उन्हें या तो बंद करना या फिर विलय करने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन बचा ही नहीं है। हाल ही में बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया और देना बैंक के विलय को मंजूरी मिली है। एसबीआई ने तो पहले ही अपने सहयोगी बैंकों के साथ विलय कर लिया है। पीएनबी भी अपने एसेट्स को बेचकर अपने घाटे को पूरा करने में जुटी हुई है।

Updated on:
03 Oct 2018 07:28 pm
Published on:
03 Oct 2018 07:28 pm