बैंकों की आर्थिक गतिविधि बाधित होने से मूडीज ने उठाया यह कदम कॉरपोरेट, छोटे एवं मझोले उद्योग और खुदरा खंड की वजह से पड़ेगा असर
नई दिल्ली।कोरोना वायरस की वजह की से देश के आर्थिक आंकड़ों और अनुमानों ने देश के हर सेक्टर को परेशान किया हुआ है। विनिर्माण क्षेत्र के आंकड़ें संतोषजनक नहीं है। जानकारों का कहना है कि मई में आने वाले अप्रैल के आंकड़े और भी ज्यादा खराब हो सकते हैं। अब जो बुरी खबर आई है वो बैंकिंग सेक्टर को लेकर है। मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस भारतीय बैंकों के परिदृश्य को स्थिरता से नकारात्मक यानी नेगेटिव जोन में खड़ा कर दिया है। जानकारों की मानें तो मूडीज ने ऐसा कोरोना वायरस की वजह से बैंकों की आर्थिक गतिविधि बाधित होने के कारण किया है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर मूडीज की ओर से बैंकों की स्थिति के बारे में अपनी रिपोर्ट में क्या कहा है...
निगेटिव जोन में इंडियन बैंक
मूडीज इंवेस्टर्स सर्विस कर रिपोर्ट के अनुसार इंडियन बैंकों की रैंकिंग को निगेटिव में कर दिया गया है। रिपोर्ट की मानें तो कोरोना वायरस की वजह से देश और बैंकों की इकोनॉमिक मूवमेंट में काफी बड़ा बैरियर आ गया है जिसकी वजह से बैंकों के एसेट्स की क्वालिटी के गिरने का अनुमान है। मूडीज के अनुसार यह गिरावट कॉरपोरेट, एमएसएमई और खुदरा खंड में होगी और इसका असर बैंकों के प्रॉफिट और फाइनेंस पर दिखाई देगा।
इस तरह से पड़ेगा बैंकों पर असर
मूडीज के अनुसार कोरोना वायरस की वजह से देश का आर्थिक ढांचे में काफी बड़ा बैरियर सामने आ गया है। वहीं दूसरी ओर मूडीज इस बात को पहले ही बता चुका है कि देश की आर्थिक वृद्घि दर में पहले से ज्यादा गिरावट देखने को मिलेगी। मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात को भी प्रमुखता से रखा है कि आर्थिक गतिविधियों में तेज गिरावट और बेरोजगारी बढऩे से आम आदमी और कॉरपोरेट की माली हालत खराब होगी, जिसके चलते बैंकों पर लगातार दबाव बढ़ता जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनियों में दिवालियापन के बढ़ते दबावों से बैंकों की परिसंपत्तियों की गुणवत्ता भी प्रभावित होने के आसार हैं, क्योंकि बैंकों ने इन्हें भी काफी लोन दिया हुआ है।