Personal Finance

आर्थिक सर्वेक्षण में जागी सरकार, हर साल 80 लाख युवाओं को मिलेगा रोजगार

इकोनॉमिक सर्वे में अगले 5 साल में 4 करोड़ नौकरियां पैदा होने की बात कही कृषि एवं संबंधित क्षेत्र की आर्थिक विकास दर 2.8 फीसदी रहने का अनुमान

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Economic Survey 2020, 40 million jobs to be created in next 5 years

नई दिल्ली। बीते सालों से विपक्ष ने सरकार को जिस मुद्दे पर सबसे ज्यादा घेरने का प्रयास किया है तो वो है रोजगार। देश में लगातार बेरोजगारी बढ़ती जा रही है। देश के युवाओं ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा भी खोला है। इस वजह से इस बार बजट में देश के युवाओं को रोजगार देने का दबाव वित्त मंत्री पर होगा। यह दबाव इकोनॉमिक सर्वे में देखने को मिला है। इकोनॉमिक सर्वे में रोजगार देने की भी बात कही है। इकोनॉमिक सर्वे में सरकार ने कहा है कि हर साल 80 लाख नौकरियां पैदा करेंगी।

5 साल में 4 करोड़ रोजगार
देश में रोजगार सृजन को लेकर सरकार के अनुसार अच्छे दिन आने वाले हैं। सरकार का अनुमान है कि अगले पांच साल में चार करोड़ अच्छे वेतन वाली नौकरियां पैदा होंगी और इनकी संख्या 2030 तक बढ़कर आठ करोड़ तक हो जाएंगी। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शुक्रवार को संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 के अनुसार, 2025 तक देश में अच्छे वेतन वाली चार करोड़ नौकरियां पैदा होंगी और 2030 तक इनकी संख्या आठ करोड़ हो जाएगी। आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि भारत के पास श्रम आधारित निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चीन के समान अभूतपूर्व अवसर है।

पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था पर जोर
भारत में 'एसेम्बल इन इंडिया' और 'मेक इन इंडिया' के कार्यक्रमों से दुनिया के निर्यात बाजार में भारत की हिस्सेदारी 2025 तक 3.5 फीसदी हो जाएगी, जोकि आगले चलकर 2030 तक छह तक हो जाएगी। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, 2025 तक भारत को पांच हजार अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए जरूरी मूल्य संवर्धन में नेटवर्क उत्पादों के निर्यात में एक तिहाई की वृद्धि होगी।

चीन से सीखने की जरुरत
आर्थिक सर्वेक्षण में भारत को चीन जैसी रणनीति अपनाने का सुझाव दिया गया है, जिसके तहत श्रम आधारित क्षेत्रों में खासतौर से नेटवर्क उत्पादों के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर विशेषज्ञता हासिल करने की आवश्यकता है। साथ ही, नेटवर्क उत्पादों के बड़े स्तर पर एसेम्बलिंग की गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत बताई गई है।

कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 2.8 फीसदी संभव
आगामी वित्त वर्ष 2020-21 में कृषि एवं संबंधित क्षेत्र की आर्थिक विकास दर 2.8 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि चालू वित्त वर्ष में कृषि एवं संबंधित क्षेत्र की आर्थिक विकास दर 2.9 फीसदी रहने का अनुमान है। यह अनुमान शुक्रवार को जारी आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 में लगाया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, भारत की आर्थिक विकास दर आगामी वित्त वर्ष 2020-21 में 6-6.5 फीसदी रहने का अनुमान है।

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