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PF खाताधारकों को लग सकता है झटका, EPFO लेने वाला है ये बड़ा फैसला

इस महीने के 23 तारीख को ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की एक में मौजदूा ब्याज दर 8.65 फीसदी में कटौती कर इसे 8.50 करने का घोषणा किया जा सकता हैं।
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Updated: 10 Nov 2017, 2:22 PM IST
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नई दिल्ली। पीएफ खाताधारकों के लिए इस माह के अंत तक एक बुरी खबर मिल सकती हैं। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) अपने सभी पीएफ खाताधारकों के लिए एक बड़ा फैसला ले सकता हैं। ईपीएफओ के इस फैसले से आपको मिलने वाले ब्याज दर पर असर देखने को मिलेगा। इस महीने के 23 तारीख को ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की एक बैठक होने वाली हैं। जिसमें मौजदूा ब्याज दर 8.65 फीसदी में कटौती कर इसे 8.50 करने का घोषणा किया जा सकता हैं। इसके बाद आने वाले एक माह के बाद आपके पीएफ खाते पर मिलने वाला ब्याज कम हो जाएगा।


ईपीएफओ एकीकरण का भी लिया जा सकता है फैसला

इस बैठक में बोर्ड इक्विटी में ईपीएफओ के निवेश को एकीकरण करने का भी फैसला लिया जा सकता हैं। इस साल ईपीएफओ अपना 15 फीसदी राशि को एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) के माध्यम से इक्विटी में निवेश कर रहा हैं। इस साल ये भी प्रस्ताव है कि , प्रत्येक ग्राहक के शेयर को अपने पीएफ खाते में म्यूचुअल फंड जैसी इकाइयों में जमा करना है। ग्राहक इसे अपने पीएफ खाते के निकासी के दौरान रीडीम कर सकता हैं। मिलने वाले पूरे रिटर्न मेंं इस इकाई से मिलने वाला लाभ भी इसमें शामिल होगा, जो कि ईटीएफ के बाजार मूल्य पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही आपको फंड के आधार पर ब्याज भी मिलेगा।


बैंको द्वारा ब्याज दरों में कटौती है मुख्या कारण

अधिकतर पीएफ राशि को सरकारी प्रतिभूति में निवेश किया जाता हैं, इसलिए ब्याज दरों में कटौती के वजह से ईपीएफओ को भी इस साल अपने ब्याज दर में कटौती करने पर मजबूर होना पड़ा हैं। सूत्रों के मुताबिक, मौजूदा स्तरों पर ब्याज दर को बरकरार रखना मुश्किल है, क्योंकि नई प्रतिभूतियों को कम दर पर खरीदा जा रहा है जबकि 20 साल प्रतिभूति भी अब मेच्योर हो रही हैं।


पिछले साल भी हुआ था कटौती

पिछले साल भी बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज ने ब्याज दर में 8.8 फीसदी से कटौती कर 8.65 किया था। मौजूदा समय में ईपीएफओ के 4.5 करोड़ ग्राहक हैं। चलन के मुताबिक, बोर्ड का निर्णय वित्त मंत्रालय द्वारा इस बात का मूल्यांकन करने के बाद किया जाता है कि क्या संगठन अपनी आय के माध्यप से न्यसियों द्वारा अनुमोदित दर प्रदान करने में सक्षम होगा या नहीं।

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