
नई दिल्ली। सरकार ने घाटे में चल रहे सार्वजनिक क्षेत्र के तीन बैंकों को वित्तीय सहायता दी है। घाटे में चल रहे इलाहाबाद बैंक ( Allahabad Bank ), इंडियन ओवरसीज बैंक ( iob ) और यूको बैंक ( uco bank ) को सरकार से 8,655 करोड़ रुपए की नई वित्तीय सहायता ( capital infusion ) मिली है। वित्त मंत्रालय ( finance ministry ) ने इलाहाबाद बैंक को 2,153 करोड़ रुपए, यूको बैंक को 2,142 करोड़ रुपए और इंडियन ओवरसीज बैंक को 4,360 करोड़ रुपए के शेयरों के तरजीही आवंटन के जरिए नई पूंजी लगाने को मंजूरी दी है।
इतना हुआ घाटा
यूको बैंक ने दूसरी तिमाही में 892 करोड़ रुपए का घाटा, इलाहाबाद बैंक ने 2,103 करोड़ रुपए का घाटा और इंडियन ओवरसीज बैंक ने जुलाई-सितंबर तिमाही में 2,254 करोड़ रुपए का घाटा दर्ज किया। इलाहाबाद बैंक को छोड़कर, ये सभी बैंक वर्तमान में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की त्वरित सुधारात्मक कार्रवाई (पीसीए) ढांचे के तहत हैं और उन्हें पीसीए से बाहर निकलने के लिए शुद्ध एनपीए छह प्रतिशत से कम करने की जरूरत है, जो एक महत्वपूर्ण मानदंड है। इन बैंकों ने अपने कैपिटल इनफ्यूजन पर अलग-अलग नियामक फाइलिंग दर्ज की है।
वित्त मंत्री ने किया था वादा
आईओबी ने कहा, "हम यह बताना चाहते हैं कि बैंक ने 26 दिसंबर को एक पत्र के माध्यम से बैंक के इक्विटी शेयरों (विशेष प्रतिभूति/बांड) के तरजीही आवंटन के तहत केंद्र सरकार से 4,360 करोड़ रुपए जारी करने से संबंधित अनुमोदन प्राप्त किया है।" वहीं यूको बैंक ने भी अपने बयान में कहा कि भारत सरकार ने 26 दिसंबर को पत्र के जरिए इक्विटी शेयरों के अधिमान्य आवंटन में 2,142 करोड़ रुपये की पूंजी जारी करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। ये कदम बजट में घोषित 70,000 करोड़ रुपए के पुनर्पूंजीकरण का हिस्सा हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में दो चरणों में 70,000 करोड़ रुपए की पूंजी देने का प्रस्ताव रखा था।