एक अप्रैल 2021 से नया वित्त वर्ष शुरू हो रहा हैै। इस दिन इनकम टैक्स से जड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है। यह वो बदलाव है, जिन्हें बजट 2021 में पास कराया गया है। इन बदलावों के बाद टैक्सपेयर्स की इनकम पर भी काफी असर देखने को मिलेगा।
नई दिल्ली। आज वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन है और कल यानी एक अप्रैल से इनकम टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है। जिसका असर टैक्सपेयर्स की कमाई पर पड़ेगा। वास्तव में केंद्र सरकार ने फरवरी के बजट में इनकम टैक्स से जुड़े नियमों में बदलाव किया था। जो नए वित वर्ष से लागू हो जाएंगे। आइए आपको भी बताते हैं कि उन बदलावों के बारे में...
ईपीएफ के ब्याज पर लगेगा टैक्स
इंप्लॉई प्रोविडेंट फंड पर एक अप्रैल 2021 से 2.5 लाख रुपए तक टैक्स पर छूट रहेगी, लेकिन उसके ऊपर के इंवेस्टमेंट के ब्याज पर टैक्स लगाया जाएगा। सरल भाषा में समझने का प्रयास करें तो अगर आप ईपीएफ में 4 लाख रुपए का निवेश करते हैं तो आपको एक्सट्रा 1.50 लाख रुपए पर जितना ब्याज मिलेगा उस पर टैक्स लगाया जाएगा। बजट 2021 में कहा गया था कि महीने में 2 लाख रुपए से कम कमाने वाले इससे प्रभावित नहीं होंगे।
आईटीआर फाइल ना करने वालों पर होगा एक्शन
आईटीआर फाइल ना करने वालों पर अब सरकार सख्त एक्शन लेगी। बजट में इनकम टैक्स अधिनियम के सेक्शन 206एबी और 206सीसीए में स्पेशल प्रोविजन जोड़ा गया है। नए नियमों के अनुसार आईटीआर फाइल ना करने वालों का टीडीएस ज्यादा काटा जाएगा।
सीनियर सिटीजन को आईटीआर से मुक्ति
वहीं बजट में प्रावधान किया गया था कि जिनकी उम्र 75 साल से ज्यादा है, उन्हें आईटीआर फाइल करने की जरुरत नहीं होगी। यह छूट उन लोगों के लिए ही होगी जिनकी कमाई सिर्फ पेंशन के रूप में ही होती है। पेंशन के अलावा कमाई करने वालों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
प्री फाइल्ड आईटीआर फॉर्म होगा उपलब्ध
केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को प्री फाइल्ड आईटीआर फॉर्म उपलब्ध कराने की बात कही है। इससे इनकम टैक्स रिटर्न भरना आसान होगा। यह भी एक अप्रैल से लागू हो जाएगा।
एलटीसी का मिलेगा फायदा
केंद्र सरकार ने बजट 2021 में एलटीसी को लेकर ऐलान किया था, जिसमें कहा गया था कि कोरोना वायरस के कारण जो कर्मचारी एलटीसी का फायदा नहीं ले सके थे, उन्हें नगद भुगतान किया जाएगा। शर्त यह होगी कि वो टैक्स के अंतर्गत ना आते हों।