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उत्तर भारत के राज्यों में बढ़ा बिजली संकट, पिछले तीन सालों का टूटा रिकाॅर्ड

बिजली संकट ने पिछले तीन सालों का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है, उत्तर भारत के राज्यों में 22 मर्इ को 2 करोड़ से ज्यादा बिजली यूनिट्स कमी देखी जा रही है।
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May 23, 2018
Power Supply
उत्तर भारत के राज्यों में बढ़ा बिजली संकट, पिछले तीन सालों का टूटा रिकाॅर्ड

नई दिल्‍ली। भारत सरकार की 'सौभाग्य योजना’ दुर्भाग्य में बदलती जा रही है। ताज्जुब की बात तो ये है कि केंद्र की जिस पार्टी को लोगों ने बंपर वोटों से जिताया था उन्हीं प्रदेशों में सबसे ज्यादा बिजली का संकट गहराया हुअा है। आंकड़ों की मानें तो बिजली संकट ने पिछले तीन सालों का रिकाॅर्ड तोड़ दिया है। उत्तर भारत के राज्यों में 22 मर्इ को 2 करोड़ से ज्यादा बिजली यूनिट्स कमी देखी जा रही है।

तुफान से हुर्इ कर्इ लाइनें खराब
नॉर्दर्न रीजनल लोड डिस्‍पेच सेंटर की मानें तो पिछले दिनों आए आंधी तूफान की वजह से कई ट्रांसमिशल लाइनें खराब हो गई थी, जिनमें से कर्इयों को दुरुस्त नहीं किया गया है। उनमें आगरा-बिश्‍वनाथ- चिरायली लाइन का टावर 2 मई को टूटा हुआ है। वहीं आगरा- झटिकरा लाइन 11 मई को आंधी के कारण ट्रिप कर गई थी। इसी तरह, आगरा-ग्‍वालियर लाइन, आगरा-अलीगढ़ लाइन, कानपुर न्‍यू-वाराणसी 2, कानपुर न्‍यू-वाराणसी 1,अलीगढ़-ओरैया, आगरा-फतेहपुर, गया-वाराणसी, भिवानी-झटिकरा, उन्‍नाव, बल्‍लभगढ़-बामनौली, मैनपुरी-परीचा, फतेहपुर-सिंगरौली आदि प्रमुख लाइनें ट्रिप हैं, जिन्हें ठीक होना अभी बाकी है।

जेनरेशन प्लांट भी हुए हैं खराब
उत्‍तर भारत में बिजली की कमी की बड़ी वजह जनरेशन प्‍लांट्स का खराब होना भी है। खराब प्‍लांट में बदरपुर थर्मल पावर स्‍टेशन, दादरी थर्मल, औरेया गैस पावर स्‍टेशन, फरीदाबाद गैस पावर स्‍टेशन, रिहंद थर्मल, गुरू गोविंद सिंह थर्मल, परीचा थर्मल, सूरतगढ़ थर्मल, कोटा थर्मल आदि प्रमुख हैं।


पिछले छह सालों का रिकाॅर्ड





























22 मई 2018 को शॉर्टेज2.093 करोड़ यूनिट
22 मई 2017 को शॉर्टेज1.376 करोड़ यूनिट
22 मई 2016 को शॉर्टेज0.988 करोड़ यूनिट
22 मई 2015 को शॉर्टेज3.396 करोड़ यूनिट
22 मई 2014 को शॉर्टेज0.392 करोड़ यूनिट
22 मई 2013 को शॉर्टेज4.718 करोड़ यूनिट

किस राज्य में हैं कितनी कमी





























पंजाब81.3 लाख यूनिट
राजस्‍थान13.9 लाख यूनिट
दिल्‍ली0.7 लाख यूनिट
उत्‍तराखंड19 लाख यूनिट
हिमाचल प्रदेश1.5 लाख यूनिट
जम्‍मू कश्‍मीर92.8 लाख यूनिट
Published on:
23 May 2018 02:25 pm