एसबीआर्इ में एक एेसा भी अकाउंट है जिसमें मिनिमम बैलेंस मेटेंन करने की कोर्इ तकलीफ नहीं उठानी पड़ती है।
नर्इ दिल्ली। कुछ दिप पहले एक रिपोर्ट के अनुसार एसबीआर्इ ने मिनिमम बैलेंस मेंटेन ना करने वालों से चार्ज वसूल कर 2500 करोड़ रुपए की कमार्इ की थी। देश में किसी बैंक द्वारा इस तरह से चार्ज लगाकर सबसे ज्यादा कमार्इ करने वाला एसबीआर्इ इकलौका बैंक था। लेेकिन एसबीआर्इ में एक एेसा भी अकाउंट है जिसमें मिनिमम बैलेंस मेटेंन करने की कोर्इ तकलीफ नहीं उठानी पड़ती है। आइए आपको भी बताते हैं इस अकाउंट के बारे में…
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एसबीआर्इ अपने 40 फीसदी खाताधारकों से नहीं वसूलता पेनल्टी क्योंकि…
एक रिपोर्ट के अनुसार स्टेट बैंक आॅफ इंडिया अपने कुल 42 करोड़ खाताधारकों में से करीब 40 फीसदी यानी 16.80 करोड़ खाताधारकों से मिनिमम बैलेंस ना मेंटेन करने पर कोर्इ चार्ज नहीं वसूलता है। इन 16.80 करोड़ लोगों के पास एसबीआर्इ का बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट (बीएसबीडी) अकाउंट है। खास बात ये है कि इस अकाउंट में मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की कोर्इ जरुरत नहीं है।
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क्या है इस खाते की खास बातें
- यह खाता एसबीआर्इ के किसी भी ब्रांच में आेपन कराया जा सकता है।
- अगर कोर्इ अपने नाॅर्मल सेविंग अकाउंट को बेसिक सेविंग बैंक डिपॉजिट बैंक अकाउंट में कंवर्ट कराना चाहे तो वो भी संभव है।
- इन खातों में मिनिमम बैलेंस मेंटेन करने की अनिवार्यता लागू नहीं होती है और न ही इनमें जमा की कोई अधिकतम सीमा होती है।
एसबीआई के जीरो बैलेंस अकाउंट को कोई भी व्यक्ति अनिवार्य केवाईसी डॉक्यूमेंट के साथ खोल सकता है।
- एसबीआई ऐसे खाताधारकों को बेसिक रुपए एटीएम-कम डेबिट कार्ड उपलब्ध करवाता है जिसमें कोर्इ शुल्क नहीं लगता है।
- एसबीआई निष्क्रिय हो चुके बैंक खातों को एक्टिव करवाने के लिए कोई भी शुल्क नहीं वसूलता है।
- इस तरह के खातों को बंद करवाने के लिए भी एसबीआई की ओर से कोई शुल्क नहीं वसूला जाता है।