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मोदी सरकार ने पूरा किया अपना वादा, सत्ता में आते ही कारोबारियों को दी पेंशन की सौगात

नई सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में देश के कारोबारियों को पेंशन देने की घोषणा की है बता दें कि योजना का लाभ उन सभी कारोबारियों को मिलेगा जिनका जीएसटी के तहत सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए से कम है इस योजना में जितना योगदान कारोबारी करेंगे, उतना ही केंद्र सरकार के द्वारा योगदान दिया जाएगा

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Jun 01, 2019
मोदी सरकार ने पूरा किया अपना वादा, सत्ता में आते ही कारोबारियों को दी पेंशन की सौगात

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने चुनाव से पहले देश के कारोबारियों से पेंशन देने का वादा किया था, जिसको सरकार ने सत्ता में आते ही पूरा कर दिया है। नई सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में देश के कारोबारियों को पेंशन देने की घोषणा की है। बता दें कि योजना का लाभ उन सभी कारोबारियों को मिलेगा जिनका जीएसटी के तहत सालाना टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपए से कम है।


अगले तीन सालों में जुड़ेगें 5 करोड़ कारोबारी

आपको बता दें कि मोदी 2.0 की इस योजना का लाभ देश के तीन करोड़ से अधिक खुदरा कारोबारी और दुकानदारों को मिलेगा। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंत्रिमंडल की बैठक के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगले तीन साल के दौरान करीब पांच करोड़ दुकानदारों के इस योजना से जुड़ने की उम्मीद है।


एक बयान में दी गई जानकारी

कैबिनेट की ओर से जारी किए गए एक बयान में जानकारी देते हुए बताया कि डेढ करोड़ रुपए सालाना से कम रकम का कारोबार करने वाले सभी दुकानदार, स्वरोजगार करने वाले लोग और खुदरा कारोबारी, जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष के बीच है, वह सभी इस योजना का लाभ ले सकते हैं। इसके साथ ही यह भी कहा गया कि पेंशन योजना में शामिल होने वाले लोग देशभर में फैले 3.25 लाख सेवा केन्द्रों पर इस योजना के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं।

बिना आधार के कराए रजिस्ट्रेशन

अगर कोई भी व्यक्ति जो कारोबार करता है और उसकी उम्र इस समय 18 से 40 वर्ष के बीच में वह व्यक्ति अपने आप को इस योजना में रजिस्टर्ड करा सकता है और जब वह व्यक्ति 60 साल का हो जाएगा तो उसको या उसके परिवार को सरकार की ओर से पेंशन दी जाएगी। यह योजना पूरी तरह से स्व घोषित पद्धति पर आधारित है और इसका लाभ लेने के लिए आधार नंबर और बैंक खाता के अलावा अन्य किसी कागजात की जरूरत नहीं है


सरकार भी करेगी योगदान

बता दें कि इस योजना में जितना योगदान कारोबारी करेंगे, उतना ही केंद्र सरकार के द्वारा योगदान दिया जाएगा। उदाहरण के लिए यदि कोई व्यापारी 30 साल की उम्र में 200 रुपए प्रति माह का योगदान करता है तो केंद्र सरकार भी उसके पेंशन खाते में हर महीने 200 रुपए का अंशदान देगी।

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Published on:
01 Jun 2019 01:24 pm
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