पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पीएम मोदी पर जीएसटी को ‘ईमानदारी का उत्सव’ करार देने पर तीखा वार करते हुए कहा है की अगर जीएसटी ‘ईमानदारी का उत्सव है' तो बीजेपी आखिर क्यो सत्ता में आने के पांच साल पहले तक उसने इसका विरोध करती रही ।
नई दिल्ली । पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने पीएम मोदी की वस्तु एवं सेवा कर यानी की जीएसटी को ‘ईमानदारी का उत्सव’ करार देने पर तीखा वार करते हुए कहा है की अगर जीएसटी ‘ईमानदारी का उत्सव है' तो बीजेपी आखिर क्यो सत्ता में आने के पांच साल पहले तक उसने इसका विरोध करती रही ।
चिदंबरम ने ट्वीट कर जीएसटी पर साधा निशाना
एक के बाद एक कई कई ट्वीट कर के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने मोदी सरकार से पूछा जीएसटी को एक साल तो हो गया है पर क्या उन्हें मालूम है कि समय पर जीएसटी का रिफंड नहीं मिलने के कारण लाखों व्यापारी और निर्यातक कितने परेशान हैं। अपने अगले ट्वीट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री के काम पर सवाल उठाते हुए पूछा की जीएसटी को लागू करने के बाद जो खामिया सामने आ रही है सरकार उन खामियों को सुधारने के बजाये उनसे इनकार क्यों कर रही हैं ।
चिदंबरम ने गिनवाई जीएसटी की खामिया
जीएसटी को लागू हुए एक साल हो चुका है तो आखिर कब तक मोदी सरकार रिटर्न फाइल करने के लिए जीएसटीआर 3-बी की अस्थायी व्यवस्था से काम चलाते रहेगी। क्या यह कानूनन वैध है। चिदंबरम आगे पूछते है एक साल बीत चुका है फिर भी जीएसटीआर 2 और जीएसटीआर 3 को अधिसूचित क्यों नहीं किया जा सका है।
पीएम मोदी ने 'मन की बात' में जीएसटी तारीफ की थी
दरसल पीएम मोदी ने रविवार को 'मन की बात' में जीएसटी के एक साल पूरा होने का उल्लेख करते हुए कहा था इससे लोगों का 'एक देश एक कर' का सपना पूरा हो गया। उन्होंने जीएसटी को ईमानदारी की जीत और ईमानदारी का उत्सव बताया था, जिसने देश से इंसपेक्टर राज को खत्म कर दिया। आप को बता दे की 1 जुलाई, 2017 को जीएसटी लागू हुई थी ।