
नई दिल्ली। देश क अर्थव्यवस्था सरकार के लिए अब चिंता का विषय बनने लगा हैै। खासकर तब, जब अगला लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहा है। शुक्रवार को वित्त मंत्री अरूण जेटली ने एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि, निजि निवेश मे बढ़ावा और आर्थिक वृद्धि के लिए बैंकिंग प्रणाली की क्षमता मेें और अधिक सुधार करने की आवश्यकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि, वैश्विक आर्थिक सुस्ती के दौरान भी हमने अपने आर्थिक गति को उचित रखा है। वित्त मंत्री ने भारतीय बैंक संगठन के 70वें वार्षिक आम सभा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि, मौजूदा समय मे हमारे पास दो बड़ी चुनौतियां है, पहला निजि क्षेत्र मे निवेश को बढ़ावा और दूसरा वृद्धि के समर्थन के लिए बैंको की क्षमता में सुधार करना। एक गतिशील समाज के तौर पर हमें सर्वश्रेष्ठ उपायों की ओर देखना चाहिए और इस मुद्दे को सुलझाने के लिए तत्काल समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
स्ट्रेस्ड संपत्ति एक मुख्य समस्या
स्ट्रेस्ड संपत्ति पर उन्होन चिंता जताते हुए कहा कि ये एक मुख्य समस्या है। मेरा मानना है कि आज के दौर मे ये सब मुख्य मुद्दे है। वैश्विक स्तर पर आर्थिक सुस्ती के बाद भी हम अपने आर्थिक गति को उचित गति से आगे बढ़ाया है। अर्थव्यवस्था की चुनौतियों का सामना करने में भारत पहले के पारंपरिक तरीकों के स्थान पर ज्यादा बेहतर हुआ है।
सरकार बैंकिंग प्रणाली के साथ रहेगी
जेटली ने कहा कि, सरकारी प्रयासों को संसाधनों के मामले में बैंको को मजबूत करने के निर्देश दिया गया है और इस परिपेक्ष्य मे सरकार बैंकिंग प्रणाली के साथ रहेगी। हम जो भी कदम उठाएंगे उससे हम बैंकिंग प्रणाली को मजबूत करने के लिए तेजी से काम करते रहेंगेे। उन्होने कहा की नोटबंदी के दौरान बैंकिंग प्रणाली ने अच्छा काम किया था और बैंको को एक तय समय में बड़ी संख्या में नगद और नोट बांटने का काम करना पड़ा था। यह एक ऐसा कार्यक्रम था जिसमें करोड़ो लोग काला धन को हटाने के लिए एकसाथ जुटे और बैंकिंग सिस्टम ने मजबूती से इस कार्य को स्वीकार किया।