पीएनबी ने बताया कि आईएमपीएस चार्ज का को पूरी तरह से खत्म करने का फैसला लिया इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से भी हटा दिया गया है आईएमपीएस चार्ज
नई दिल्ली। कोरोना वायरस लॉकडाउन ( Coronavirus Lockdown ) के बीच ग्राहकों को बैंकों की ओर से राहत देने का सिलसिला जारी है। देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक ( Punjab National Bank ) ने अपने करोड़ों ग्राहकों को बड़ी राहत दी है। पीएनबी ने इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग के जरिए ट्रांजैक्शन पर लगने पर आईएमपीएस चार्ज ( IMPS Charges ) को खत्म कर दिया है। पंजाब नेशनल बैंक ने अपने ट्वीट के जानकारी दी कि आईएमपीएस चार्ज को खत्म करने का निर्णय तत्काल रुप से प्रभावी होगा। पीएनबी के फैसले के अनुसार रोजाना 50,000 रुपए का ट्रांजैक्शन करने पर कोई चार्ज नहीं देना होगा। इससे पहले ग्राहकों को चार्ज के तौर पर 5 रुपए और जीएसटी देना होता था।
SBI स्टेट बैंक भी ले चुका है यह फैसला
आईएमपीएस को खत्म करने का फैसला देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया भी ले चुका है। अब एसबीआई के योनो एप, मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग के जरिए किए जाने वाले आईएमपीएस ट्रांजैक्शन पर कोई शुल्क नहीं देना होगा। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की ओर से इस नियम को 1 अगस्त 2019 से लागू कर दिया गया था। जिसका फायदा अब देश के लोगों को कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच भी देखने को मिल रहा है।
किसे कहते हैं आईएमपीएस
इमीडिएट पेमेंट सर्विसेज को शॉर्ट फॉर्म में आईएमपीएस कहा जाता है। आईएमपीएस मोड आपको मोबाइल के जरिए फंड ट्रांसफर करने के लिए मिलता है। जिसके इस्तेमाल से आप बैंक के मोबाइल ऐप से किसी को भी फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। यह सुविधा नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के द्वारा दी गई है।
इस सुविधा के जरिए आप 24 घंटे और सातों दिन फंड ट्रांसफर कर सकते हैं। खास बात ये है कि आप रात को किसी भी समय रुपए ट्रांसफर करेंगे, वो रुपया उसी वक्त पहुंचेगा। अगर आप इस सुविधा का यूज छुट्टी वाले दिन भी कर सकते हैं। जबकि एनईएफटी और आरटीजीएस सर्विस के तहत जब तक वर्किंग डे नहीं आ जाता तब तक आपका ट्रांजैक्शन पेंडिंग में ही रहता है।