आरबीआई के अनुसार यह मोबाइल एप ऑफलाइन भी करता है काम एप नोटों के असली या नकली होने की पहचान नहीं कर पाएगा हिंदी और अंग्रेजी दोनों में जानकारी के लिए एप में ऑडियो मौजूद
नई दिल्ली। नेत्रहीन या यूं कहें कि दृष्टिबाधित लोगों को नोटों की पहचान करने में काफी परेशानी होती है। उनकी इस परेशानी को दूर करने के भारतीय रिजर्व बैंक ( reserve bank of india ) की ओर से मनी मोबाइल एप ( Mani Mobile App ) लांच किया है। आरबीआई ( rbi ) के अनुसार इस एप के माध्यम से दृष्टिबाधित लोग करंसी नोटों को पहचान पाएंगे। खास बात तो ये है कि यह मोबाइल एप ऑफलाइन भी काम करेगा। इस मौके पर आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ( rbi governor shaktikanta das ) भी मौजूद थे।
ऐसे करें डाउनलाड और इस्तेमाल
'Mani' (Mobile Aided Note Identifier) नाम के इस मोबाइल एप को यूजर एंड्रॉयड प्ले स्टोर या आईओएस एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस एप्लिकेशन के थ्रू मोबाइल का कैमरा नोटों को स्कैन करता है उसके बाद यह हिंदी या अंग्रेजी में ऑडियो इनपुट के माध्यम से बताता है कि यह नोट कितने रुपए का है। आपको बता दें कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद सरकार कई नए करंसी नोट जारी किए, जिनके साइज तथा डिजाइन अलग अलग होने की वजह से नोटों को पहचानने में दृष्टिबाधितों को खासी परेशानी हो रही है। नई सीरिज के नोटों में 10, 20, 50, 10ऐसे करें डाउनलाड और इस्तेमाल
'Mani' (Mobile Aided Note Identifier) नाम के इस मोबाइल एप को यूजर एंड्रॉयड प्ले स्टोर या आईओएस एप स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। इस एप्लिकेशन के थ्रू मोबाइल का कैमरा नोटों को स्कैन करता है उसके बाद यह हिंदी या अंग्रेजी में ऑडियो इनपुट के माध्यम से बताता है कि यह नोट कितने रुपए का है। आपको बता दें कि नवंबर 2016 में नोटबंदी के बाद सरकार कई नए करंसी नोट जारी किए, जिनके साइज तथा डिजाइन अलग अलग होने की वजह से नोटों को पहचानने में दृष्टिबाधितों को खासी परेशानी हो रही है। नई सीरिज के नोटों में 10, 20, 50, 100, 200, 500 तथा 2,000 रुपए के नोट शामिल हैं। आरबीआई का कहना है कि यह एप नोट के असली या नकली होने की पहचान नहीं करता है।0, 200, 500 तथा 2,000 रुपए के नोट शामिल हैं। आरबीआई का कहना है कि यह एप नोट के असली या नकली होने की पहचान नहीं करता है।