डिजिटल भुगतान प्रणाली लाने की दिशा में काम कर रहा है एसबीआई। नये सिस्टम के बाद बंद हो सकता है डेबिट कार्ड व क्रेडिट कार्ड।
नई दिल्ली। भारतीय स्टेट बैंक की योजना अगर सफल होती है तो जल्द ही हर जगह दिखने वाले प्लास्टिक के डेबिट कार्ड अतीत की बात होंगे। देश का सबसे बड़ा बैंक इसकी जगह पर अधिक डिजिटल भुगतान प्रणाली लाने की दिशा में काम कर रहा है।
देश में 90 करोड़ डेबिट कार्ड व 3 करोड़ क्रेडिट कार्ड
स्टेट बैंक के चेयरमैन रजनीश कुमार ने मुंबई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा, "...हमारी डेबिट कार्ड को प्रचलन से बाहर करने की योजना है। हम इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि हमें उन्हें समाप्त कर सकते हैं" उन्होंने कहा कि देश में 90 करोड़ डेबिट कार्ड और तीन करोड़ क्रेडिट कार्ड हैं। रजनीश कुमार ने कहा कि डिजिटल समाधान पेश करने वाले उसके 'योनो' मंच की डेबिट कार्ड मुक्त देश बनाने में अहम भूमिका होगी।
उन्होंने आगे यह भी कहा कि योनो प्लेटफॉर्म के जरिए एटीएम मशीनों से नकदी की निकासी या दुकानों से सामान की खरीदी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि बैंक पहले ही 68,000 'योनो कैशप्वाइंट' की स्थापना कर चुका है और अगले 18 माह में इसे 10 लाख करने की योजना है। इसके अतिरिक्त, योनो क्रेडिट प्लेटफॉर्म मार्चेंडाइज खरीदने के लिए अतिरिक्त प्वाइंट भी देगा। उनका कहना है क्यू आर कोड भी पेमेंट के लिए एक किफायती विकल्प है।
आरबीआई बैठक के बाद एसबीआई ने घटाया था ब्याज दर
बता दें कि इसी माह के शुरुआत में भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा नीतिगज ब्याज दरों में 35 आधार अंक यानी 0.35 फीसदी की कटौती करने के ठीक 2 घंटे के अंदर भारतीय स्टेट बैंक ने अपने करोड़ों ग्राहकों को शानदार तोहफा दिया था। एसबीआई ने एक प्रेस नोट जारी कर जानकारी दिया था कि वो मार्जिनल कॉस्ट बेस्ड लेंडिंग रेट यानी रूष्टरुक्र में 15 आधार अंक की कटौती करेगा। एसबीआई ने जानकारी दी थी कि एमसीएलआर में यह 15 आधार अंक की कटौती सभी समयावधि के लोन पर होगा, जिसे आगामी 10 अगस्त से लागू भी कर दिया गया है।। इस कटौती के साथ ही अब एसबीआई से एक साल के लिए लोन पर आपको 8.40 फीसदी ब्याज की जगह 8.25 फीसदी ब्याज देना होगा।