एसबीआई की हांगकांग शाखा का नीरव मोदी समूह की कंपनियो से कोई लेना-देना नहीं है, जिनका नाम पीएनबी घोटाले में सामने आया है।
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने सोमवार को स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि 12 हजार करोड़ रुपये के घोटाले के मुख्य आरोपियों नीरव मोदी या मेहुल चोकसी के साथ उसकी हांगकांग शाखा का कोई लेनदेन नहीं है। बैंक ने एक बयान में कहा, "जैसा कि 18 फरवरी 2018 और 19 फरवरी 2018 को मीडिया के कुछ धड़ों में ऐसी खबरें प्रकाशित की गई थीं, जबकि एसबीआई की हांगकांग शाखा का पीएनबी के ब्रेडी हाउस शाखा द्वारा किसी भी भी कॉरपोरेट्स/बैंकों को एओयूज/एलसीज से कोई लेना-देना नहीं है।"
दोनो की कंपनियोंं से बैंक शाखा का नहीं है कोई लेनदेन
बयान में आगे कहा गया, "इसके अलावा, एसबीआई की हांगकांग शाखा का नीरव मोदी समूह की कंपनियों और/या मेहुल चोकसी समूह की कंपनियों से कोई लेना-देना नहीं है, जिनका नाम पीएनबी घोटाले में सामने आया है। गौरतलब है कि नीरव मोदी द्वारा पंजाब नेशनल बैंक के लगभग साढ़े बारह हजार करोड़ रुपए के घोटाले के बाद से ही कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में ये दावा किया गया था कि, नीरव मोदी और उससे जुड़ी कंपनियों के लिए लेटर ऑफ अंडरटेकिंग (एलओयू) हांगकांग स्थित एसबीआई के नाम पर भी जारी किए गए थे। एलओयू एक ऐसा लेटर है जिसके आधार पर बैंक द्वारा अन्य बैंको को एक तरह से गारंटी पत्र उपलब्ध कराया जाता है जिसके आधा पर विदेशी शाखा कर्ज की पेशकश करता हैं।
वहीं दूसरी तरफ इस घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक के ट्रेजरी खंड के महाप्रबंधक से पूछताछ की है। सीबीआई के एक सूत्र ने बताया कि, एजेंसी की अधिकारियों ने इस मामले में सोमवार को एस के चंद से पूछताछ की, जो बैंक के जीएम है। सीबीआई ने नीरव मोदी के कंपनी की कर्मचारी और एक ऑडिटर को भी गिरफ्त में लिया गया है। इन दोनों कर्मचारियों ने पीएनबी में दाखिल फर्जी एलओयू तैयार करने के सिलसिले में गिरफ्तार किया है।