जीएसटी को लेकर सेमिनार को संबोधित करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर काउंसिल 12 और 18 फीसदी की टैक्स स्लैब को हटाकर 14 या 15 फीसदी की टैक्स स्लैब ला सकती है।
नर्इ दिल्ली। जीएसटी स्लैब को लेकर देश के लोगों में कर्इ तरह की अनिश्चितता बनी हुर्इ है। कभी 18 फीसदी के स्लैब को हटाने की बात कही जा रही है तो भी किसी स्लैब को, लेकिन जीएसटी परिषद के चेयरमैन सुशील मोदी ने एक नए एक बार फिर से खलबली मचा दी है। सुशील मोदी ने कहा है कि आने वाले दिनों में 12 आैर 18 फीसदी के स्लैब को हटाकर एक नया स्लैब तैयार किया जा सजा है। आइए आपको भी बताते हैं उन्होंने टैक्स स्लैब को लेकर क्या कहा है…
ये हो सकता है नया टैक्स स्लैब
चार्टेड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित किए गए जीएसटी को लेकर सेमिनार को संबोधित करते हुए सुशील मोदी ने कहा कि वस्तु एवं सेवा कर काउंसिल 12 और 18 फीसदी की टैक्स स्लैब को हटाकर 14 या 15 फीसदी की टैक्स स्लैब ला सकती है। उन्होंने कि देश के लोगों को सहुलियत देने के स्लैब को कम करने का तरीका है। दो स्लैब की जगह बीच एक एक स्लैब ज्यादा बेहतर है। जीएसटी कर दरों को और तर्कसंगत उसी सूरत में किया जाएगा जब जीएसटी कलेक्शन का आंकड़ा एक लाख करोड़ के पार रहने लगेगा। इस स्थिति में पहुंचने के लिए 1 साल तक का वक्त लग सकता है।
अगर एेसा हुआ तो
अगर जीएसटी काउंसिल एेसा करती है तो कर्इ चीजों की कीमतें काफी कम हो जाएगी। खासकर वो सामान जिन्हें हाल ही में 28 फीसदी से हटाकर 18 पर कर दिया गया है। 18 फीसदी स्लैब हटने के बाद रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, छोटे टेलिविजन सेट्स और पेंट जैसे उत्पाद सस्ते हो जाएंगे। वहीं उन सामानों को थोड़ा झटका लगेगा जो 12 फीसदी से 14 या 15 फीसदी पर आ जाएंगे।
इस बार इतना रहा था जीएसटी रेवेन्यू
सिर्फ अप्रैल महीने में ही जीएसटी कलेक्शन में 1 लाख करोड़ का स्तर पार किया था। जुलाई महीने में जीएसटी संग्रह 96,483 करोड़ रुपए के स्तर पर रहा है। जून में यह 95610 करोड़ रुपए के स्तर पर रहा था। जुलाई के आंकड़े से यह माना जा रहा है कि जल्द एक लाख करोड़ का लक्ष्य हासिल किया जाने वाला है। गौरतलब है कि वस्तु एवं सेवा कर को 1 जुलाई 2017 को देशभर में लागू कर दिया गया था।
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