कोविड-19 संक्रमित ( covid-19 ) मरीजों के लिए बने अस्थायी अस्पतालों ( Temporary Hospitals ) में इलाज करा रहे मरीजों को भी मिलेगा क्लेम कैशलेस ट्रीटमेंट के मामले में बीमा धारकों को मिलेगी राहत
नई दिल्ली: कस्टमर्स को बड़ी राहत देते हुए IRDAI ने बड़ा फैसला लिया है । बीमा नियामक प्राधिकरण ने गाइडलाइंस जारी कर कोरोना महामारी ( Corona Pandemic ) में उन बीमा धारकों को भी क्लेम देने का ऐलान किया है जो कोविड-19 संक्रमित मरीजों के लिए बने अस्थायी अस्पतालों ( Temporary Hospitals ) में इलाज करा रहे हैं।
IRDAI के इस फैसले से 'मेक शिफ्ट' या 'टेम्परेरी हॉस्पिटल' में कोविड-19 का इलाज कराने वालों को राहत मिलेगी। आपको मालूम हो कि देश में कोरोनावायरस संक्रमितों ( covid-19 cases ) की बढ़ती संख्या को देखते हुए कई राज्य सरकारों ( State Govt ) ने 'मेक शिफ्ट' या 'अस्थायी अस्पताल' बनाए हैं।
इस बारे में IRDAI ने बाकायदा सर्कुलर ( IRDAI Circular ) जारी किया है ताकि बाद में बीमित व्यक्ति को क्लेम के लिए मुश्किलों का सामना न करना पड़े। सर्कुलर में साफ कहा गया है कि जब कोविड-19 संक्रमित होने के बाद पॉलिसीधारक को चिकित्सक की सलाह पर ऐसे अस्थायी अस्पताल में भर्ती किया जाता है, तो भले ही पॉलिसी अनुबंध के नियम एवं शर्तों में अस्पताल की परिभाषा कुछ भी हो, इलाज पर होने वाले खर्च का निपटान बीमा कंपनियां करेंगी।
डॉक्टर और नर्सों को 5 फीसदी डिस्काउंट- बीमा नियामक इरडा ( IRDAI ) ने बीमा कंपनियों ( Insurance Policies ) को कोरोना कवच पॉलिसी पर डॉक्टर और नर्सों को 5 फीसदी डिस्काउंट दने की बात कही है।
कैशलेस ट्रीटमेंट से मना नहीं कर सकते अस्पताल-
इरडा ने बीमा कंपनियों को ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है जो हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी धारक कोविड-19 मरीजों को कैशलेस इलाज ( hospitals Can not deny Cashless Treatment ) की सुविधा देने से मना कर रहे हैं। इरडा ने बीमाकर्ताओं से उचित सरकारी एजेंसी में शिकायत करने को कहा है।
इसके साथ ही प्राधिकरण ने इन हॉस्पिटल्स की जानकारी बीमा कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर देने की बात कही है। साथ ही IRDAI ने Insurance Companies को इन शिकायतों को निपटाने के लिए अलग से सिस्टम बनाने की बात कही है।