— फिरोजाबाद में विभिन्न मांगों को लेकर चूड़ी मजदूरों ने कर दी थी हड़ताल, प्रतिदिन हो रहा था लाखों का नुकसान।
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
फिरोजाबाद। यूपी का शहर फिरोजाबाद जिसे सुहागनगरी के नाम से भी जाना जाता है। यहां चूड़ी मजदूर विगत 20 दिन से हड़ताल कर रहे थे। इसकी वजह से कारखानों में कामकाज बंद पड़ा था। डीएम के हस्तक्षेप के बाद मजदूरों की हड़ताल समाप्त हो गई। आज से चूड़ी कारखानों में कामकाज शुरू हो गया।
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कोरोना में हुआ था नुकसान
कोरोना की मार से चूड़ी कारोबार को काफी नुकसान हुआ था। कारखानेदारों ने कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद काम शुरू कराया लेकिन कुछ दिन बाद ही मजदूरों ने हड़ताल शुरू कर दी। दो जुलाई को मजदूरों ने यह कहते हुए चूड़ी के तोड़े उठाने से इंकार कर दिया कि सरकार द्वारा न्यूनतम मजदूरी तीन हजार रुपए प्रति सौ तोड़ा है लेकिन कारखानेदारों द्वारा मजदूरों को 2400 रुपए ही दिए जा रहे हैं। हड़ताल शुरू होने के साथ ही मजदूरों ने शहर विधायक मनीष असीजा का भी पुतला दहन किया।
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बीच का रास्ता नहीं निकला
श्रम उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी, जिसमें सेवायोजक कारखानेदारों के साथ-साथ श्रमिकों के प्रतिनिधि भी शामिल थे। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट शासन को भेजी, जिसके बाद शासन ने पारिश्रमिक को 2400 से बढ़ाकर तीन हजार कर दिया था। मजदूरों की मांग थी कि शासनादेश के अनुसार उनकी निर्धारित न्यूनतम राशि 3000 देने की बात को लिखित में उन्हें दिया जाए। बुधवार रात में डीएम चंद्रविजय ने अपने कैंप कार्यालय में मजदूर नेताओं को बुलाकर उन्हें लिखित में दिया कि उन्हें न्यूनतम मजदूरी दिलाई जाएगी जो भी इसमें हीलाहवाली करेगा। उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। तब जाकर मजदूरों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।