यादवों के गढ़ में मजबूत हुई सपा, पूर्व बसपा प्रत्याशी शिवराज सिंह यादव साथियों सहित सपा में हुए शामिल
फिरोजाबाद। महागठबंधन अभी तय नहीं है। इसके चलते पार्टियों के नेता दल बदलने का सिलसिला शुरू कर चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2019 से पहले कई नेता अभी दल बदलेंगे। विधानसभा चुनाव 2017 में जसराना विधानसभा क्षेत्र में यादवों के गढ़ में बसपा को पहचान दिलाने वाले पूर्व प्रत्याशी ने अपने सैकड़ों समर्थकों सहित समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। सपा के प्रो.रामगोपाल यादव के सामने उन्होंने पार्टी ज्वाइन की है। यादवों के गढ़ में बसपा को बड़ा झटका लगा है तो वहीं समाजवादी पार्टी के लिए ये खुशी की खबर है। बता दें कि जसराना विधानसभा क्षेत्र में चालीस प्रतिशत वोट बैंक यादव और ओबीसी है।
2017 में लड़ा था जसराना से चुनाव
विधानसभा चुनाव 2017 में जसराना क्षेत्र से बसपा प्रत्याशी रहे शिवराज सिंह यादव ने समाजवादी पार्टी को कड़ी टक्कर दी थी। उन्होंने यादव वोट बैंक में तगड़ी सेंध लगाई थी। जिसका खामियाजा समाजवादी पार्टी को भुगतना पड़ा था। समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी यहां से चुनाव हार गए थे। भाजपा ने ये सीट जीती थी। जसराना में लोधी राजपूत वोट और यादव ओबीसी वोट की टक्कर है। यदि यादव एकजुट हो जाए तो कोई भी पार्टी यहां से जीत हासिल नहीं कर सकती है। जब मैनपुरी लोकसभा सीट थी तब मुलायम सिंह यादव भी कई बार जसराना विधानसभा सीट से बढ़त हासिल कर चुनाव जीते थे। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय कार्यालय में उन्हें पार्टी की सदस्यता ग्रहण करायी।
वर्तमान में प्रांतीय अध्यक्ष
शिवराज सिंह यादव वर्तमान में किसान नोजवान संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष हैं। शिवराज सिंह यादव यूपी कांग्रेस के प्रांतीय नेता भी रह चुके है। अधिवक्ता शिवराज सिंह यादव के बसपा छोड़ने से समाजवादी खेमें मजबूती दिखेगी ऐसा माना जा रहा है। सपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद शिवराज सिंह यादव का कहना है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सीएम अखिलेश यादव नोजवानों के रॉल मॉडल है।