हैवानियत की शिकार बच्ची का तीन महीने चला था इलाज। चल भी नहीं पाती थी बच्ची।
फिरोजाबाद। नारखी क्षेत्र में करीब 19 महीने पहले बेटी के साथ दरिंदगी करने व विरोध पर केरोसिन डालकर उसका प्राइवेट पार्ट जलाने वाले पिता को कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। मर्यादाओं को तार तार कर बच्ची के साथ क्रूरतम व्यवहार करने वाला कलयुगी बाप अपनी नापाक हरकत को छिपाना चाहता था, लेकिन बच्ची की मां ने उसे इंसाफ दिलाने की ठान ली थी। बेटी के दोषी को सजा दिलाने के लिए बच्ची की मां ने 17 महीने तक लगातार थाने व कचहरी के चक्कर काटे, पति के खिलाफ गवाही दी। अब जाकर मासूम को न्याय मिला है। अब बच्ची की मां का पूरा ध्यान उसकी पढ़ाई पर है।
ये है मामला
13 साल पहले एक महिला की नारखी क्षेत्र में शादी हुई थी। दोनों के चार बच्चे थे। पति के रोज रोज के झगड़े से तंग आकर महिला अपने तीन बच्चों को साथ लेकर आगरा हरि पर्वत स्थित अपने मायके में रहने लगी थी। एक दस साल की बच्ची को उसके पति ने अपने पास रख लिया था। मार्च 2018 में पिता ने अपनी दस साल की मासूम के साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची ने विरोध किया तो गुस्से में आकर उसने केरोसिन से उसका प्राइवेट पार्ट जला दिया। इसके बाद बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन परिजनों ने पुलिस और उसकी मां को सूचना नहीं दी। दो महीने बाद बच्ची की मां जब उससे मिलने गई तब उसे घटना का पता चला। वहां जाकर देखा तो बच्ची की हालत इतनी खराब थी कि वो चल भी नहीं पा रही थी। बुरी तरह सहमी रहती थी। दिन में कई कई बार रोती थी।
बच्ची का ऐसा हाल देखकर मां ने उसे इंसाफ दिलाने की ठान ली और आगरा के महिला थाने में पति के खिलाफ केस दर्ज कराया। पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट वीके जायसवाल की कोर्ट में मुकदमा चला। इस दौरान बच्ची की मां ने 17 माह तक कोर्ट और थाने के चक्कर काटे। कोर्ट के समक्ष 9 गवाह प्रस्तुत किए गए। आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद थे। अब जाकर इस मामले में कोर्ट ने आरोपी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई है।