चुनाव से पहले भाजपा को झटका, सपा में शामिल हो रहे पूर्व विधायक

 भाजपा की सूची में नाम न होने से कई नेताओं में आक्रोश व्याप्त है।

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Jan 18, 2017
akhilesh yadav
फिरोजाबाद। भाजपा की सूची में नाम न होने से कई नेताओं में आक्रोश व्याप्त है। कुछ चुप हैं, तो कुछ ने खुलकर विरोध करना शुरू कर दिया है। पूर्व विधायक शिवसिंह चक ने भाजपा से नाता तोड़कर साइकिल की सवारी की है। वे टिकट वितरण के हुई गड़बड़ी से नाराज थे। उनके स्थान पर भाजपा ने प्रो.एसपी सिंह बघेल को टूंडला सीट से प्रत्याशी घोषित किया था। रामगोपाल के साथ मिलकर उन्होंने लखनउ में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। अब ये कयास लगाए जा रहे हैं कि शिवसिंह चक को सपा टूंडला से टिकट दे सकती है।

भाजपा से विधायक थे चक
13वीं विधानसभा में शिवसिंह चक ने भाजपा से टूंडला की सीट जीती थी। उसके बाद पार्टी ने उन्हें 2012 में भी टिकट थमाया था। शिव सिंह चक इस विधानसभा चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे थे। उन्हें 58,536 वोट मिले थे। पार्टी ने इस बार टूंडला की सुरक्षित सीट से प्रत्याशी में बदलाव किया और प्रो.एसपी सिंह बघेल को टिकट थमाया है। राजनीतिक सूत्र बताते हैं कि पार्टी में प्रो. एसपी सिंह बघेल के कद को देखते हुए शिव सिंह चक ने पार्टी से नाता तोड़ा है। वहीं वे टिकट न मिलने से भी नाराज बताए गए थे।
shiv singh chak
शिवसिंह चक

रामगोपाल से संपर्क साधा
शिव सिंह चक ने लखनउ में रामगोपाल यादव और अखिलेश के समक्ष सपा की सदस्यता ग्रहण की। उनके साथियों ने बताया कि सपा की टिकट पर वे टूंडला से चुनाव लड़ सकते हैं। इस सीट पर शिव सिंह चक के साथ उनके समुदाय का अच्छा दबदबा माना जाता है। लखनउ में शिव सिंह चक से हुई बातचीत में उन्होंने इस बात की पुष्टि की वे भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हो रहे हैं।

महाराज सिंह धनगर हैं अभी प्रत्याशी
प्रोफेसर रामगोपाल के करीबी माने जाने वाले सपा प्रत्याशी महाराज सिंह धनगर अभी टूंडला से प्रत्याशी हैं। अब शिव सिंह चक के सपा में शामिल होने पर उनकी टिकट पर इसका असर पड़ सकता है। सूत्र बताते हैं कि शिव सिंह चक के आने से महाराज सिंह धनगर का टिकट कट भी सकता है। पार्टी मुख्यालय पर दोपहर बाद होने वाली प्रेसवार्ता में इसबात की घोषणा होने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

Published on:
18 Jan 2017 03:52 pm
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