
फिरोजाबाद. यमुना की खादर में बसी मां सीयर देवी की महिमा अपरंपार है। इस मां के मंदिर में आला-ऊदल पानी भरते थे तो वहीं गजराजा अपनी सेना के साथ इस मां की शरण में रहता था। नवरात्रों में मां की पूजा अर्चना करने के लिए दूर दराज से श्रद्धालु यहां आते हैं और मनौती पूरी करते हैं। इस मंदिर पर तमाम राजनैतिक दलों की हस्तियां चुनावी सभा कर चुके हैं।
एकांत में है मां का दरबार
यमुना की तलहटी में बसी मां सीयर देवी का मंदिर कोट कसौंदी के नाम से दूर-दूर तक विख्यात है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं को पूरी करने के लिए माता के दर्शनों के लिए आते हैं। लगभग दो हजार वर्ष पुराने इस मंदिर की गाथा भी अपने आप में अनोखी है। मनोकामना पूरी होने पर श्रद्धालु यहां परिवार सहित आकर मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
आला-ऊदल करते थे मां की सेवा
करीब दो हजार वर्ष पुराने इस मंदिर की गाथा अनोखी है। ग्रामीणों का मानना है कि आला-ऊदल नाम के योद्धा मां की पूजा अर्चना करते थे। वह कई वर्षो तक मां की शरण में रहे थे। उनके बाद इस क्षेत्र में गजराजा नाम का राजा अपनी सेना के साथ निवास करने लगा था। उनकी सेना में हजारों हाथी, घोड़े और सैनिक शामिल थे। मां सीयर देवी गजराजा की कुल देवी थी।
यहां हुआ था भीषण युद्ध
ग्रामीण बताते हैं कि एक बार बलशाली मलखान सिंह और गजराजा के बीच जमकर युद्ध हुआ था। जिसमें गजराजा को हराकर मलखान सिंह ने उनकी पुत्री के साथ इसी मंदिर में शादी रचाकर देवी से आशीर्वाद लिया था। ग्रामीण तो यहां तक बताते हैं कि आला और ऊदल भी यहां कई वर्षाे तक रहे हैं, जिस स्थान पर आज मंदिर बना है। उसके सामने दोनों मल्ल विद्या सीखते थे। हजारों वर्ष पुराने इस मंदिर के बारे में लोगों की धारणा है कि जो भी व्यक्ति इस मंदिर में अपनी मनोकामना लेकर आता है। उसकी इच्छा अवश्य पूरी होती है।
यहां होते हैं विशेष आयोजन
सप्तमी, अष्टमी और नवमीं को यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। जिसमें कई प्रदेशों से लोग शामिल होते हैं। देवी के दर्शन कर अपने आप को धन्य करते हैं। इस मंदिर परिसर में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, अखिलेश यादव समेत राजबब्बर जैसे दिग्गज नेता चुनावी सभा कर चुके हैं।
राजबब्बर ने कराया रेलिंग का निर्माण
फिरोजाबाद लोकसभा से सांसद बनने के बाद सिने स्टार राजबब्बर ने मां के मंदिर के चबूतरे पर रेलिंग का निर्माण कराया था। वहां विशेष पूजा अर्चना की थी। आज भी माता का मंदिर सूनसान वाले स्थान पर है। जहां आयोजन होने पर ही श्रद्धालु आते-जाते हैं।
अपने वाहन से ही जा सकते हैं
मां सीयर देवी का मंदिर यमु ना की खादरों में है। यहां तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं के पास अपना वाहन होना चाहिए या फिर किराए पर वाहन ले जाना पडेगा। तभी पहुंच सकते हैं। मंदिर तक जाने के लिए गांव रसूलाबाद, गदलपुरा होते हुए कोट कसौंदी तक जाया जाता है।