छह हजार साल पुराना है मंदिर। आला उदल भी यहां माता का दर्शन प्राप्त कर युद्ध लड़ते थे और जीतते थे। नवरात्र में उमड़ती है भक्तों की भीड़।
फिरोजाबाद। चैत्र नवरात्र का पावन महीना चल रहा है। इन नौ दिनों में माता को प्रसन्न करने के लिए भक्त क्या क्या नहीं करते। मन वांछित फल पाने के लिए कोई नौ दिन का व्रत रखता है तो कोई मंदिर में माता को लहंगा चुनरी व चढ़ावा चढ़ाता है। वहीं कई भक्त माता की चौकी सजाते हैं। चैत्र नवरात्र के इस मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं माता शीयर देवी के एक ऐसे प्राचीन मंदिर के बारे में, जिसका इतिहास करीब छह हजार साल पुराना है। माना जाता है कि इस मंदिर में आने वाले सभी भक्तों मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हर साल नवरात्र के मौके पर दूर दूर से श्रद्धालु परिवार सहित यहां आकर माता के दर्शन करते हैं। कहा जाता है कि राजबब्बर ने भी लोकसभा चुनाव माता का आशीर्वाद पाकर जीता था। वहीं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह भी कई बार यहां आकर मां का आशीर्वाद प्राप्त कर चुके हैं।
कोट कसौंदी में है मां का मंदिर
यमुना की तलहटी में बसी मां सीयर देवी का ये मंदिर कोट कसौंदी के नाम से दूर-दूर तक विख्यात है। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं को पूरी करने के लिए माता के समक्ष अपनी अर्जी लगाने आते हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद वे फिर से परिवार समेत मंदिर आकर माता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। कहा जाता है कि आला और ऊदल भी इस मंदिर में माता सीयर देवी के दर्शन के बाद ही युद्ध करने जाते थे और जीतकर आते थे।
हाथियों के लिए बनाई गुफा
पूर्व में इस क्षेत्र में गजराजा अपनी सेना के साथ निवास करते थे। उनकी सेना में हजारों हाथी, घोड़े और सैनिक शामिल थे। मां सीयर देवी गजराजा की कुल देवी थीं। मंदिर के महंत बाबा ऊधमदास बताते हैं कि एक बार बलशाली मलखान सिंह और गजराजा के बीच जमकर युद्ध हुआ था। जिसमें गजराजा को हराकर मलखान सिंह ने उनकी पुत्री के साथ इसी मंदिर में शादी रचाकर देवी से आशीर्वाद लिया था। महंत बताते हैं कि इस मंदिर में जो भी भक्त अपनी फरियाद लेकर आता है, वो कभी खाली हाथ नहीं जाता।
ये राजनेता ले चुके आशीर्वाद
चैत्र मास की सप्तमी, अष्टमी और नवमीं को यहां विशाल मेले का आयोजन किया जाता है। इसमें कई राज्यों के लोग शामिल होते हैं व देवी के दर्शन कर अपने आप को धन्य करते हैं। शारदीय नवरात्रों में भी मंदिर पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है। महंत का कहना है कि मां के दर्शनों के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व राजस्थान के वर्तमान राज्यपाल कल्याण सिंह कई बार यहां आ चुके हैं। यहां आकर श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी करते हैं। राजबब्बर ने लोकसभा का चुनाव मां के आशीर्वाद से जीता था। जीत के बाद उन्होंने मंदिर के चारों ओर रेलिंग का निर्माण कराया था