बारिश के चलते दीवार गिरने से 12 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। उसकी मां की मौत पहले ही हो चुकी थी। पैरों से लाचार पिता का वो एकमात्र सहारा थी।
फिरोजाबाद। जिले में बारिश का कहर एक पिता पर ऐसा टूटा कि उससे उसका एकमात्र सहारा भी छीन लिया। यहां तेज बारिश के चलते दीवार गिरने से एक किशोरी की मौत हो गई। वो खेत से शौच कर घर वापस लौट रही थी। तभी यह हादसा हो गया। लड़की के मां की मौत पहले ही हो चुकी थी और वो अपने विकलांग पिता का एकमात्र सहारा थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है।
ये है पूरा मामला
थाना पचोखरा क्षेत्र के गांव चतुरपुरा छिकाऊ निवासी सूरजपाल पैरों से लाचार है। उसकी पत्नी की पहले ही मौत हो चुकी है। घर में वह अपनी 12 वर्षीय पुत्री निशा के साथ रहता था। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे निशा खेत से शौच कर घर वापस लौट रही थी। तभी गली में अचानक हाकिम सिंह पुत्र देवेन्द्र सिंह की दीवार भरभरा कर उसके ऊपर गिर गई। वह दीवार के नीचे दब गई। मौके पर पहुंचे लोगों ने बालिका को बाहर निकालने का प्रयास किया। जब तक मलबा हटाया गया तब तक उसकी मौत हो गई।
बालिका की मौत से छाया मातम
बालिका की मौत से गांव में मातम छा गया। छिकाऊ निवासी नीरज दीक्षित ने पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात अधिक होने के कारण दीवार की नींव कमजोर हो गई थी। जिसकी वजह से यह दर्दनाक हादसा हो गया। कुछ लोगों का यह भी कहना था कि यदि गांव ओडीएफ हो जाता। हर घर में शौचालय बन गए होते तो शायद बच्ची की मौत नहीं होती और वह अभी भी हम सभी के बीच होती। पैरों से लाचार सूरजपाल के लिए उसकी बेटी ही जीने का सहारा थी। लेकिन उसका एकमात्र सहारा भी उससे दूर हो गया।