
फिरोजाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ प्रदेश में सरकारी स्कूलों के हालात लाख सुधारने की कोशिश कर लें, लेकिन फिर भी उनकी स्थिति में कोई फर्क नहीं है। गर्मियों में कक्षा में बिजली की उचित व्यवस्था नहीं है। लिहाजा बच्चों का क्लास में बैठना भी मुश्किल हो जाता है। इसके चलते तीन बच्चे क्लास में बेहोश हो गए। वहीं पढ़ाई करने आए बच्चों से स्कूल में बर्तन धुलवाए जाते हैं।
मासूमों पर भारी पड़ रही गर्मी
मामला प्राथमिक विद्यालय नौशहरा का है। यहां सोमवार को बच्चे स्कूल में पढ़ने के लिए गए थे। दोपहर में भोजन के समय तीन बच्चे क्लास में ही बेहोश हो गए। ऐसी स्थिति में शिक्षकों ने डॉक्टर बुलाना जरूरी नहीं समझा। बच्चे काफी देर तक कक्षा में ही बेहोश पड़े रहे। बाद में अध्यापकों ने उन पर पानी डाला, तब उन्हें होश आया।
बर्तन साफ करते मिले बच्चे
वहीं प्राथमिक विद्यालय में मध्यान्ह भोजन के बाद बच्चे बर्तन साफ करते नजर आए। ऊपर से सूर्यदेव की तेज किरणों से बच्चों का बदन झुलस रहा था लेकिन बच्चों से बर्तन धुलवाए जा रहे थे। इस संबंध में जब ग्राम प्रधान विक्रम सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि बिजली विभाग द्वारा कल से बिजली नहीं दी गई है। इसकी वजह से स्कूल मेें लगे पंखे नहीं चल सके। विद्यालय में मिड डे मील के बर्तन साफ करने वाले की व्यवस्था नहीं है। सरकार रसोइया का तो मानदेय सही समय से नहीं दे रही, फिर बर्तन साफ करने वाले की व्यवस्था कहां से की जाए।