
Fastest Goal in World Cup History: पैराग्वे के मैटिअस गलार्जा ने तुर्की के खिलाफ मैच शुरू होने के 64 मिनट में गोल कर इतिहास रच दिया। वह इस टूर्नामेंट से सबसे तेज गोल करने वाले खिलाड़ी बन गए। फीफा वर्ल्डकप 2026 के ग्रुप D के इस मुकाबले में दुनिया की 32वें नंबर की टीम तुर्की ने सोचा भी नहीं होगा कि रैकिंग में उनसे पीछे रहने वाली पैराग्वे 64वें सेकेंड में बढ़त हासिल कर लेगी। इस वर्ल्डकप में मोरक्को के इस्माइल सैबारी ने स्कॉटलैंड के खिलाफ 71वें मिनट में गोल किया था, जिससे गलार्जा आगे निकल गए।
| खिलाड़ी | समय | वर्ष |
|---|---|---|
| हाकन शुकुर | 11 सेकंड | 2002 |
| वाक्लाव मासेक | 15 सेकंड | 1962 |
| अर्नेस्ट लेहनर | 25 सेकंड | 1934 |
| ब्रायन रॉब्सन | 28 सेकंड | 1982 |
| क्लिंट डेम्पसी | 30 सेकंड | 2014 |
| बर्नार्ड लाकोम्बे | 31 सेकंड | 1978 |
| आर्ने नाइबर्ग | 35 सेकंड | 1938 |
| एमिल वेनांते | 35 सेकंड | 1938 |
| फ्लोरियन अल्बर्ट | 50 सेकंड | 1962 |
| अडालबर्ट डेसू | 50 सेकंड | 1930 |
| पाक स्युंग-जिन | 50 सेकंड | 1966 |
| सेल्सो अयाला | 52 सेकंड | 1998 |
| माथियास योर्गेनसेन | 55 सेकंड | 2018 |
इस गोल के बाद तुर्की ने आक्रामक रुख अपनाया और लगातार पैराग्वे के पोस्ट पर हमला किया। दूसरी ओर पैराग्वे ने डिफेंस मोड ऑन किया और मैच में सिर्फ 2 ही बार गोल पर शॉट लगा पाई। हालांकि पहले हाफ के खत्म होने से पहले पैराग्वे के मिगेल अम्लिरोन को रेड कार्ड मिल गया। इसके बाद दूसरे हाफ में बढ़त हासिल करने के बावजूद डिफेंस मोड में रही। क्योंकि उन्हें दूसरे हाफ में 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा।
दूसरे हाफ में गेंद पर ज्यादातर कंट्रोल तुर्की का रहा और वो लगातार हमला करती रही लेकिन पैराग्वे के डिफेंस को भेदने में कामयाब नहीं हुई। कुल मिलाकर इस मुकाबले में पैराग्वे के साथ दूसरे मिनट में गोल के बाद कुछ भी अच्छा नहीं हुआ, फिर भी टीम जीतने में सफल रही।
| टीम | मैच | जीत | ड्रॉ | हार | किए गए गोल | खाए गए गोल | अंक |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| यूएसए | 2 | 2 | 0 | 0 | 6 | 1 | 6 |
| ऑस्ट्रेलिया | 2 | 1 | 0 | 1 | 2 | 2 | 3 |
| पैराग्वे | 2 | 1 | 0 | 1 | 2 | 4 | 3 |
| तुर्की | 2 | 0 | 0 | 2 | 0 | 3 | 0 |
ये पैराग्वे की टूर्नामेंट में पहली जीत है और वह अभी भी अगले दौर में पहुंच सकती है। दूसरी ओर तुर्की लगातार दूसरा मुकाबला हारने की वजह से टूर्नामेंट से बाहर होने के कगार पर पहुंच गई है।