
Spain vs Argentina Final Controversy: फीफा ने सोमवार को साफ कर दिया कि वर्ल्डकप 2026 के खिताबी मुकाबले में जिन खिलाड़ियों के बीच झड़प हुई थी, उसकी वो जांच करेगा। इसके लिए उसने एक समिति गठिक की है। न्यू जर्सी में रविवार को खेले गए खिताबी मुकाबले में स्पेन ने अर्जेंटीना को 1-0 से हरा दिया। हार के बाद अर्जेंटीना के कुछ खिलाड़ियों को स्पेन के प्लेयर्स के साथ झड़प करते देखा गया।
फीफा ने साफ कर दिया है कि झगड़े में शामिल कोई भी दोषी पाया गया, तो उस खिलाड़ी या कोच को बैन का सामना करना पड़ सकता है। यह नहीं अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है। रविवार को 1-0 की हार के बाद अर्जेंटीना टीम के खिलाड़ियों की स्पेन के खिलाड़ियों के साथ उनकी बहस हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई, जिसमें नाहुएल मोलिना, लिएंड्रो पेरेडेस, थियागो अल्माडा और सहायक कोच रॉबर्टो अयाला शामिल नजर आए।
जैसे ही न्यू जर्सी में आखिरी सीटी बजी, कुछ अर्जेंटीना के खिलाड़ी मैदान पर गिर पड़े, जिसमें लियोनेल मेस्सी भी शामिल थे। दूसरी ओर स्पेन के खिलाड़ी खुशी से मैदान पर दौड़ रहे थे। एक्स्ट्रा-टाइम में सब्स्टीट्यूट होने वाले रोड्री डगआउट से दौड़कर अपने टीम के साथियों के पास आए। जैसे ही वह मिडफील्डर मोलिना के पास से निकले, अर्जेंटीना के डिफेंडर ने रोड्री के पेट में मुक्का मारा। यहीं से बवाल शुरू हुआ। इसके बाद जो हुआ, उसे पूरा दुनिया ने देखा।
इस गंभीर मामले के बाद फीफा एक्शन मोड में नजर आ रहा है। उसने 24 घंटे की भीतर डिसिप्लिनरी कमिटी को जांच करने के आदेश दिए हैं। पास कई ऑप्शन खुले हैं। अब डिसिप्लिनरी कमिटी ज़्यादा डिटेल में इस घटना की जांच करेगी और अगर अगर खिलाड़ियों या नेशनल एसोसिएशन पर आरोप लगता है और वे दोषी पाए जाते हैं, तो ज़्यादा सज़ा मिलने की संभावना ज़्यादा होती है। डिसिप्लिनरी कोड का आर्टिकल 13 आपत्तिजनक व्यवहार और फेयर प्ले के सिद्धांतों को कवर करता है। डिसिप्लिनरी कमिटी के पास इतना पावर है कि वह दुनिया की किसी भी टीम को बैन कर सकती है। अब देखना ये होगा कि अर्जेंटीना के खिलाड़ी दोषी पाए जाते हैं या स्पेन के और दोषियों पर फीफा क्या एक्शन लेता है?