
फीफा वर्ल्ड कप (FIFA World Cup) 2026 के पहले सेमीफाइनल मैच में स्पेन (Spain) ने फ्रांस (France) को हरा दिया है। स्पेन ने यह मैच 2-0 से जीतते हुए फ्रांस को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। इस जीत के साथ ही स्पेन फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई है। स्पेन के लिए पहला गोल मिकेल ओयार्ज़ाबल (Mikel Oyarzabal) ने मैच के पहले हाफ में 22वें मिनट में पेनल्टी किक पर किया और अपनी टीम को बढ़त दिला दी। इसके बाद दूसरे हाफ में पेड्रो पोरो (Pedro Porro) ने 58वें मिनट में गोल दागते हुए स्पेन की बढ़त को 2-0 कर दिया जो मैच के अंत तक बरकरार रही।
फ्रांस के खिलाफ जीत के साथ ही स्पेन दूसरी बार फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले स्पेन 2010 में फीफा वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचा था और अपना पहला खिताब जीता था। ऐसे में अब 16 साल बाद स्पेन अपने दूसरे खिताब से सिर्फ एक जीत दूर है।
फ्रांस को इस मैच में सबसे ज़्यादा उम्मीद अपने स्टार खिलाड़ी किलियन म्बाप्पे (Kylian Mbappé) से थी। इस टूर्नामेंट में 8 गोल करने वाले म्बाप्पे का जादू सेमीफाइनल में स्पेन के खिलाफ नहीं चला और फ्रांस का तीसरी बार फीफा वर्ल्ड कप जीतने का सपना टूट गया।
इस मैच में स्पेन ने 10 शॉट्स लगाए, तो वहीँ फ्रांस ने 14 शॉट्स लगाए। स्पेन के 2 शॉट्स टारगेट पर लगे, तो फ्रांस के 4 शॉट्स टारगेट पर लगे। स्पेन के पास कुल समय के 51% समय बॉल रही, तो फ्रांस के खिलाड़ियों के पास 49% समय बॉल रही। स्पेन के खिलाड़ियों ने मैच के दौरान 86% सटीकता के साथ 487 पास किए, तो वहीँ फ्रांस के खिलाड़ियों ने 87% सटीकता के साथ 408 पास किए। स्पेन के खिलाड़ियों ने 12 फाउल किए, तो वहीँ फ्रांस के खिलाड़ियों ने 11 फाउल किए। स्पेन को 1 येलो कार्ड मिला, तो वहीँ फ्रांस को 2 येलो कार्ड मिले। स्पेन ने 5 ऑफसाइड किए, वहीँ फ्रांस ने 4 ऑफसाइड किए। स्पेन को सिर्फ 1 कॉर्नर मिला, जबकि फ्रांस को 7 कॉर्नर मिले।
फाइनल में स्पेन का मुकाबला अर्जेंटीना (Argentina) और इंग्लैंड (England) के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से होगा।