
Portugal's Cristiano Ronaldo: दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों के लिए बुरी खबर है। दरअसल, पुर्तगाल के स्टार फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का ऐलान कर दिया है। रोनाल्डो ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने अपने रिटायरमेंट की जानकारी वीडियो के जरिए दी।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने अपने बयान में कहा, 'आज वह दिन आ गया है, जब मुझे अपनी राष्ट्रीय टीम की नंबर 7 जर्सी वापस सौंपनी है। मैंने कभी नहीं माना कि यह जर्सी सिर्फ मेरी है। 23 वर्षों तक मुझे इसे पहनने, इसकी रक्षा करने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ लेकर जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली।'
उन्होंने आगे कहा, 'आज समय आ गया है कि मैं इसे भविष्य की पीढ़ी को सौंप दूं। यह फैसला आसान नहीं था, क्योंकि कुछ फैसले सिर्फ दिमाग से नहीं लिए जाते, बल्कि उनमें दिल की भावनाएं भी शामिल होती हैं। अगस्त 2003 में शुरू हुआ यह सफर, जिसने मेरी जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी, अब समाप्त हो गया है। जब मैं राष्ट्रीय टीम के साथ बिताए पलों को याद करता हूं, तो मुझे सिर्फ मैच, गोल, रिकॉर्ड या ट्रॉफियां ही नजर नहीं आतीं।'
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने आगे कहा, 'मुझे वे लोग याद आते हैं। विदेशों में रहने वाले पुर्तगाली लोग याद आते हैं, जो 90 मिनट के लिए खुद को अपने देश के थोड़ा और करीब महसूस करते थे। मुझे वे लाखों पुर्तगाली लोग याद आते हैं, जिनसे मैं कभी मिला भी नहीं, लेकिन वे मेरी जिंदगी का हिस्सा बन गए। क्योंकि आखिरकार फुटबॉल सिर्फ एक खेल से कहीं बढ़कर है। फुटबॉल लोगों से जुड़ा हुआ है।
41 वर्षीय दिग्गज फुटबॉलर ने राष्ट्रीय टीम के बारे में कहा, 'राष्ट्रीय टीम के साथ अपने पूरे करियर के दौरान मैंने हमेशा अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर प्रदर्शन करने की कोशिश की। मैं जीतना चाहता था, बेहतर बनना चाहता था और इतिहास रचना चाहता था। मैंने हमेशा खुद से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की उम्मीद की। मैं हमेशा कुछ और हासिल करना चाहता था। मुझे हमेशा विश्वास था कि हम इससे भी आगे जा सकते हैं। मैंने इस जर्सी के लिए अपना सब कुछ दिया। इस सफर में कई शानदार दोपहर और यादगार रातें आईं। ऐसी जीत मिलीं, जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता। कुछ हार ऐसी भी रहीं, जिन्हें याद करने पर आज भी दर्द होता है।
पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझसे गलतियां भी हुईं। मैंने दुख झेला। ऐसे पल भी आए, जब मैं पुर्तगाल के लोगों की उन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका, जो वे मुझसे लगाए बैठे थे। लेकिन मैंने कभी हार नहीं मानी। और सबसे बढ़कर, पुर्तगाल का प्रतिनिधित्व करने पर गर्व करना कभी नहीं छोड़ा।'
क्रिस्टियानो रोनाल्ड का फुटबॉल करियर 20 अगस्त 2003 को कजाकिस्तान के खिलाफ शुरू हुआ था। उस वक्त वे महज 18 वर्ष के थे। तब से अब तक उन्होंने पुर्तगाल के लिए 234 मैच खेले और कुल 146 गोल किए। उनके नाम इंटरनेशनल फुटबॉल में सर्वाधिक गोल का रिकॉर्ड है। इस लिस्ट में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी दूसरे नंबर पर हैं। मेसी ने इंटरनेशनल फुटबॉल में 126 गोल किए हैं। उनके अलावा ईरान के पूर्व स्ट्राइकर अली डेई 108 गोलों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
क्रिस्टियानो रोनाल्डो के संन्यास के पीछे कही कोच के साथ हुआ विवाद तो नहीं है। दरअसल, दिग्गज खिलाड़ी के इस फैसले से पहले पुर्तगाल टीम का विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खूब सुर्खियों में था। सितंबर में वे ट्रेनिंग कैंप को छोड़कर चले गए थे। इसकी वजह पुर्तगाल के कोच जॉर्ज जीसस के साथ खेलने को लेकर मतभेद था। रोनाल्डो ने आरोप लगाया था नार्वे के खिलाफ मैच में खेलने का भरोसा दिया गया था, लेकिन पूरे मैच के दौरान वे बेंच पर ही बैठे रहे।