नई दिल्ली। गूगल फ्लैगशिप डिवाइस की दौड़ में पिछले साल शामिल हुई थी। इस खंड में एप्पल और सैमसंग की तूती बोलती है। गूगल के पहले पिक्सल डिवाइस ने बाजार में अपनी अच्छी मौजूदगी दर्ज कराई थी। अब प्रौद्योगिकी दिग्गज ने इस फोन का दूसरा संस्करण लॉन्च किया है, जिसमें से हम पिक्सल एक्सएल की समीक्षा पेश कर रहे हैं। इस फोन की शुरुआती कीमत 73,000 रुपए (64 जीबी संस्करण) रखी गई है और यह डिवाइस आईफोन 8 प्लस को कड़ी टक्कर देने जा रहा है।
पिक्सल 2 एक्सएल का डिस्प्ले बेजलविहीन है, जो आजकल प्रचलन में है। इसका स्क्रीन 6 इंच का है जिसका एसपैक्ट रेशो 18:9 है और इसका स्क्रीन-टू-बॉडी रेशो 76.5 फीसदी है। गूगल के लिए इस फोन को एलजी ने बनाया है। इसमें 12 मेगापिक्सल का मुख्य सेंसर तथा 8 मेगापिक्सल का फिक्स्ड फोकस सेल्फी कैमरा है। फोन के पिछले कैमरे का एपरचर एफ/1.8 है, जो ऑप्टिकल स्टेबिलाइजेशन (ओआईएस) प्रणाली से लैस है। साथ ही इसमें इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलाइजेशन भी दिया गया है, जो चटख और स्पष्ट तस्वीरें उतारता है। साथ ही कम रोशनी में भी इसमें अच्छी तस्वीरें आती हैं।
इसमें 3520 एमएएच की बैटरी दी गई है जो एक बार चार्ज करने पर डेढ़ दिन तक आराम से चल जाती है। इसमें 'गूगल लेंस' दिया गया है जो मशीनी बुद्धिमत्ता (एमएल) क्षमता से लैस है और स्थानों, चीजों और गलियों की पहचान करने में सक्षम है।
कुल मिलाकर यह एक बढिय़ा फोन है, जिसमें समय पर अपडेट मिलता है और सिक्योरिटी पैच मिलता है (जबकि अन्य फोन में यह काफी देर से आता है या आता ही नहीं है)। साथ ही इसमें स्टॉक एंड्रायड ओरियो ऑपरेटिंग सिस्टम (ओएस) है, जो अभी बहुत कम फोन में उपलब्ध है।
गूगल पिक्सल2 एप्पल व सैमसंग को दे सकता है टक्कर
नई दिल्ली। भारत में जन्मे गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को बेहद पसंद करते हैं। भले ही फिलहाल एआई अपने शुरुआती दौर में है, लेकिन उनके मुताबिक यह इस युग की सबसे प्रगतिशील तकनीक है, जो संभावित रूप से उद्यमों के काम को बदल सकता है और बढ़ा सकता है। अब स्मार्टफोन में एआई कोई नया फीचर नहीं है। एप्पल की सिरी, सैमसंग की बिक्सबी और गूगल का अपना गूगल असिस्टेंट विकसित किया जा चुका है, जिसे लोग अपने उपकरणों के साथ संवाद करते हैं। इस बार पिचई ने एआई का मिश्रण कर एक बड़ा दांव खेला है। यह मिश्रण सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर का समावेश है, जो प्रीमियम श्रेणी में सैमसंग और एप्पल को टक्कर दे सकता है।
उद्योग विश्लेषकों का मानना है कि बुधवार को लांच हुए गूगल पिक्सल 2 और 2 एक्सेएल एप्पल और सैमसंग के लिए चुनौती साबित हो सकते हैं। इसमें तकनीक के साथ, विपणन और बिक्री के स्तर पर भी काफी काम किया गया है। लिहाजा, यह सैमसंग और एप्पल दोनों के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है। वर्तमान में, पिछले साल लॉन्च हुए पिक्सल की विश्व स्तर पर दो फीसदी से कम की बाजार हिस्सेदारी है।
फॉरेस्टर के प्रमुख विश्लेषक थॉमस ह्यूसन ने बताया, इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ता कि गूगल ब्रांड का स्मार्टफोन कितना आकर्षक लगता है। कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आखिर हार्डवेयर कंपनी के तौर पर वह खुद को कैसे स्थापित करे। साथ ही उपभोक्ताओं तक कैसे अपनी पहुंच बनाए।
हसन ने कहा, इसके लिए आपूर्ति श्रृंखला और अन्य वितरण चैनलों के साथ साझेदारी, प्रशिक्षण विक्रेताओं और मार्केटिंग में भारी-भरकम निवेश करना होगा। यह कोई छोटा काम नहीं है और कंपनी के डीएनए से काफी दूर है।
फिर भी गूगल प्रभाव बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहा है। पिछले महीने, उसने ताइवान स्थित एचटीसी कॉरपोरेशन की मोबाइल डिविजन टीम का हिस्सा 1.1 अरब डॉलर में हासिल कर लिया था। यह टीम गूगल के पिक्सेल स्मार्टफोन को विकसित करने के लिए उसके साथ काम कर रही थी। आईडीसी इंडिया के सीनियर रिसर्च मैनेजर नवकेंद्र सिंह के मुताबिक, यह गूगल की महत्वाकांक्षाओं को गंभीर स्मार्टफोन निर्माता के रूप में रेखांकित करता है।
सिंह ने बताया, हालांकि, डिजाइन भाषा पर विचार करते हुए, ऐसा लगता है कि गूगल हार्डवेयर के मुकाबले किसी सॉफ्टवेयर एंगल से प्रीमियम स्मार्टफोन को और बेहतर बनान चाहता है। नई पिक्सेल परिवार का शुभारंभ करते हुए एक खचाखच भरे सैन फ्रांसिस्को में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पिचाई ने कहा, कम्प्यूटिंग अब संवादात्मक, परिवेश और प्रासंगिक होगा। यह एक अनूठा क्षण है, जब गूगल एआई, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर को एक साथ लाने जा रहा है।