
नई दिल्ली: सबसे लोकप्रिय गेम pubg को लेकर पिछले कुछ महीनों से काफी नकारात्मक खबरें सामने आ रही हैं। इस गेम को देश के कई हिस्सों में बैन भी किया जा चुका है। इसमें गुजरात के कई बड़े शहर सूरत, राजकोट, वड़ोदरा, भावनगर और गिरसोमनाथ शामिल हैं। इतना ही नहीं देश के अन्य हिस्सों में भी इस गेम को बैन करने की गुहार लगाई जा रही है। ऐसा इस लिए हो रहा है क्योंकि इसका सुरूर बच्चों पर इतना बढ़ता जा रहा है कि मानसिकता पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। वहीं, कई बच्चे इस गेम की वजह से खुदकुशी भी कर चुके हैं। इतना ही नहीं हाल ही के दिनों में देश की राजधानी दिल्ली में 19 साल के एक युवक को ऑनलाइन गेम PUBG खेलने की लत इतनी लग गई थी कि उसने अपने मां-बाप और बहन की हत्या तक कर दी थी।
गुजरात में PUBG गेम को राज्य सरकार की तरफ से बैन किया गया है। इसके बाद अब राज्य के पुलिस को यह अधिकार मिला है कि यदि कोई युवा PUBG गेम खेल रहा हो तो उसे तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है। आपको बता दें हाल ही में राजकोट पुलिस ने 10 कॉलेज स्टूडेंट्स को गिरफ्तार कर लिया था। यह गिरफ्तारी इस लिए कि गई थी क्योंकि स्टूडेंट्स को नियम का उल्लंघन करते हुए पकड़ा गया था। पुलिस ने इन स्टूडेंट्स पर इंडियन पैनल कोड (IPS) 188 और गुजरात पुलिस एक्ट (GPA) 135 के तहत मामला दर्ज किया था।
जब कोई पब्लिक सर्वेंट द्वारा किसी नियम को तोड़ते हुए पकड़ा जाए तो उसे IPS की धारा 188 के तहत गिरफ्तार किया जाता है। इस अपराध में ज्यादा से ज्यादा 1 महीने की जेल और 200 रुपये का फाइन लगाया जा सकता है। वहीं, अगर GPA की धारा 135 की बात करें तो इसमें नियम को तोड़ने और सार्वजनिक शांति को भंग करने का मामला आता है। इस अपराध में करीब 1 साल की कैद और जुर्माने का प्रावधान होता है। इन मामलों में तुरंत जमानत मिल जाती है। मालूम हो इससे पहले देश में 'ब्लू व्हेल' और 'मोमो चैलेंज' जैसे खतरनाक गेम को बैन किया जा चुका है।