राजस्थान केे कोटा शहर में पढ़ने वाली भव्या ने एक ऐसा गैजेट तैयार किया है जो मुसीबत के समय में महिलाओं की सुरक्षा करने में मददगार साबित होगा।
नई दिल्ली: आए दिन देश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े होते रहते हैं। ऐसे में देश की एक बेटी ने सराहनीय काम किया है। राजस्थान केे कोटा शहर में पढ़ने वाली भव्या ने एक ऐसा गैजेट तैयार किया है जो मुसीबत के समय में महिलाओं की सुरक्षा करने में मददगार साबित होगा। इस गैजेट की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बिना इंटरनेट के भी काम कर सकता है।
यह सिर्फ 500 ग्राम का गैजेट इतना छोटा है कि इसे किसी भी महिला की हाथ में पहनने वाली घड़ी से जोड़ा जा सकता है। इस यंत्र केे इस्तेमाल से महिलाएं आपात स्थिति में परिवार को अलर्ट भेज सकती हैं। इस गैजेट को लेकर भव्या ने बताया कि उसने सरकारी नमो ऐप पर इस परियोजना की जानकारी अपलोड की है क्योंकि उसे इस गैजेट को और छोटे आकार में बनाने के लिए फंड की आवश्यकता है।
ऐसे काम करता है ये गैजेट
यह गैजेट बिना इंटरनेट के भी काम करता है। जब कोई महिला मुसीबत के समय में होगी तब यह यंत्र उसके परिवार के सदस्यों को जीपीएस के जरिए एक अलर्ट या उस स्थान की जानकारी देगा। इसके जरिए परिवार के सदस्य उचित समय में उस महिला की मदद कर सकेंगे। भव्या ने बताया कि इस गैजेट में जीपीएस मॉड्यूल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम है जो उपग्रहों से सीधे जुड़ा हुआ है जो उसे बगैर इंटरनेट कनेक्शन के भी मैसेज और कॉल भेजने या रिसीव करने की अनुमति देता है। छात्रा ने बताया कि अलर्ट भेजने के लिए महिला को बस बटन दबाना होगा जो मात्र 10 सेकेंड के अंदर ही उसके परिवार के लोगों के मोबाइल फोन पर पहुंच जाएगा। साथ ही इस यंत्र से कॉल करने के लिए एक दूसरा बटन भी दिया गया है।
ऐसे आया विचार
भव्या अग्रवाल कोटा की 12वीं कक्षा की छात्रा है। छात्रा को टीवी, अखबार और इंटरनेट पर महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार के बारे में पढ़ और देख कर इस गैजेट को बनाने का विचार आया। इसके बाद भव्या ने यूट्यूब की मदद से इस गैजेट को तैयार किया है।