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अब फ्रॉड करने वालों की खैर नहीं, यूजर्स मिनटों में कर सकेंगे फर्जी मैसेज का पता

Trai ने सभी टेलीमार्केटिंग कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर किया रजिस्टर अब फर्जी मैसेज भेजने वालों की मिंनटों में करें पहचान

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Trai releases list of telemarketers, SMS codes

नई दिल्ली। मोबाइल पर अक्सर आने वाले अनचाहे फ्रॉड मैसेज से हर कोई परेशान हो जाता है। ऐसे में यूजर्स की परेशानी को कम करने के लिए TRAI ने एक अहम कदम उठाया है, जिससे आप आसानी से पता लगा सकते हैं कि आखिस कौन आपको मैसेज भेज रहा है। दरअसल, टेलीकॉम रेगुलेटर ट्राई (TRAI) ने सारी टेलीमार्केटिंग कंपनियों का डेटा अपनी वेबसाइट पर डाल दिया है, जिससे की कंज्यूमर को पता चले कि आखिर किस कंपनी की तरफ से मैसेज भेजा गया है। अगर आपको किस तरह के फ्रॉड मैसेज आ रहे होंगे तो आप मैसेज करने वाले के खिलाफ तुरंत एक्शन ले सकेंगे।

दरअसल ट्राई ने करीब 35,000 टेलीमार्केटिंग कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर रजिस्टर कर दिया है. सभी कंपनियों को एक कोड दिया गया है। ऐसे में जो भी टेलीमार्केटिंग कंपनियां मैसेज करेंगी उनका पता लगाना इस कोड से बेहद आसान हो जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहक को अनचाहे कॉल्स और SMS से बचाने के लिए ट्राई ने डू नॉट डिस्टर्ब रजिस्टर बनाया है। इसमें रजिस्टर होने वाले उपभोक्ताओं को अनचाहे कॉल्स और एसएमएस नहीं आते है, लेकिन इसके बावजूद अक्सर लोग फ्रॉड करने के लिए फर्जी मैसेज भेजते रहते हैं, जिसपर लगाम लगाने के लिए ट्राई की तरफ से इस तरह का कदम उठाया गया है ताकि होने वाले फ्रॉड को रोका जा सके।

बता दें कि हाल ही में TRAI ने टेलिकम्युनिकेशन टैरिफ (65वां संशोधन) ऑर्डर 2020 का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके आने के बाद यूजर्स बिना किसी लिमिट के 100 से अधिक ( 100 SMS/Day ) मैसेज फ्री में दूसरे यूजर्स को भेज ( Unlimited Messages a Day ) सकते हैं। दरअसल, ट्राई के इस फैसले से पहले टेलीकॉम कंपनियां यूजर्स को 100 मैसेज फ्री में देने के बाद प्रत्येक मैसेज के लिए 50 पैसे वसूल सकती थी। वहीं टेलीकॉम कंपनियां आने वाले दिनों में मोबाइल यूजर्स को 100 से ज्यादा फ्री मैसेज का लाभ दे सकती है। बता दें कि ट्राई ने साल 2012 में 100 एसएमएस के बाद 50 पैसे वसूलने का नियम जारी किया था। उस वक्त TRAI ने कहा था कि इससे यूजर्स को मिलने वाले फालतू कमर्शियल मैसेज से छूटकारा मिलेगा। वहीं अब नियम खत्म करने पर ट्राई का कहना है कि अब स्पैम मैसेज को रोकने के लिए टेलीकॉम कंपनियों के पास पर्याप्त टेक्नोलॉजी है।

Published on:
14 Jul 2020 11:31 am
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