मैं झोपड़ी नुमा टूटी-फूटी कच्ची मकान में रह रही हूं
गरियाबंद/राजिम. छत्तीसगढ़ की 80 साल की महिला ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर बड़ा सवाल किया है। बुजुर्ग महिला ने कहा है कि सरकार गरीबों के लिए योजना बनाती है लेकिन असल में इसका फायदा नहीं मिलता है। राजिम के कौंदकेरा गांव के महिला डेरहीन बाई साहू ने बताया कि वह पिछले कई माह से पीएम आवास और वृद्धा पेंशन के लिए आवेदन कर रही है। लेकिन अभी तक आवेदन का निराकरण नहीं हो पाया है। अब प्रधानमंत्री से फरियाद करते हुए पीएम आवास और वृद्धा पेंशन दिलाने के लिए पत्र लिखी है।
पत्र के जरिए बयां किया अपना दर्द
बुजुर्ग महिला डेरहीन बाई साहू पति स्व. राजा राम साहू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को डाक पत्र के माध्यम से खत लिख कर कहा है कि मेरी उम्र 80 वर्ष चल रही है। मैं झोपड़ी नुमा टूटी-फूटी कच्ची मकान में रह रही हूं। जो बारिश के दिनों में पानी गिरने की वजह से मकान में पानी टपकता है। मकान कभी की ढह सकता है। 80 वर्ष की होने के बावजूद मुझे अभी भी वृद्धा पेंशन से वंचित रखा गया है। मुझ गरीब और बेसहारा को वृद्धा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास जैसे महत्वपूर्ण योजना से वंचित रखा गया है।
कई बार गुहार लगाने के बावजूद अब तक किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल रहा। बुजुर्ग महिला ने बताया कि वह ग्राम पंचायत कौन्दकेरा में 80 वर्षों से निवास करती आ रही है। उनके दो बेटे व एक बेटी हैं, जो शादी के बाद अलग-अलग रहने लगे हैं। परिवार में कोई मतभेद न करके अपने बेटी के साथ रहने लगी। अपनी बेटी की शादी होने के कुछ साल बाद अपनी बेटी और दामाद को अपने पास बुला लिया। ताकि देख-देख कर सके।