
गरियाबंद घटारानी वाटरफॉल (Photo Patrika)
Waterfall Accident: छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल घटारानी वाटरफॉल में घूमने पहुंचे एक युवक के साथ हादसा हो गया। झरने के पास अचानक पैर फिसलने से युवक ऊंचाई से नीचे जा गिरा। हादसे के बाद युवक बेहोशी की हालत में था। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए पुलिस और आपातकालीन सेवा को सूचना दी, जिसके बाद घायल युवक को 112 की मदद से फिंगेश्वर के शासकीय अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद कुछ देर के लिए वाटरफॉल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पर्यटकों और आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को संभाला और उसे सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। प्राथमिक जानकारी के अनुसार युवक को हादसे में गंभीर चोटें आई हैं।
जानकारी के मुताबिक, धमतरी जिले के रावा निवासी खूबलाल डिमर घटारानी वाटरफॉल घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान झरने के आसपास मौजूद ऊंचाई वाले हिस्से में अचानक उनका पैर फिसल गया। पैर फिसलते ही युवक अपना संतुलन खो बैठा और ऊंचाई से नीचे जा गिरा। गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। हादसा देखकर वहां मौजूद अन्य पर्यटक भी घबरा गए और तत्काल युवक की मदद के लिए आगे आए।
घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने पुलिस और आपातकालीन सेवा को सूचना दी। इसके बाद 112 की टीम की मदद से घायल युवक को फिंगेश्वर के शासकीय अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में युवक का उपचार शुरू किया गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आने की बात सामने आई है। फिलहाल उसकी हालत को लेकर विस्तृत मेडिकल जानकारी सामने नहीं आई है।
घटारानी वाटरफॉल रायपुर समेत आसपास के जिलों के लोगों के लिए प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। खासकर बारिश के मौसम में यहां बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। बारिश के कारण झरने और उसके आसपास की चट्टानें अक्सर फिसलन भरी हो जाती हैं। ऐसे में पर्यटकों के लिए थोड़ी सी लापरवाही भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है। घटारानी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर पर्यटक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मानसून के दौरान वाटरफॉल और नदी-नालों के आसपास पानी का बहाव बढ़ जाता है। चट्टानों पर काई और पानी के कारण फिसलन भी बढ़ जाती है। इसके चलते पर्यटकों के लिए झरने के किनारे या ऊंचाई वाले स्थानों पर जाना जोखिम भरा हो सकता है। घटारानी वाटरफॉल में भी बारिश के दौरान पानी का प्रवाह बढ़ने के साथ आसपास के हिस्सों में फिसलन बढ़ जाती है। ऐसे में पर्यटकों को निर्धारित सुरक्षित क्षेत्र में ही रहने और खतरनाक स्थानों पर जाने से बचने की जरूरत है।
हादसे के बाद एक बार फिर पर्यटन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ऐसे स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी, चेतावनी बोर्ड और खतरनाक हिस्सों की बैरिकेडिंग जरूरी मानी जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम में जब वाटरफॉल में पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है, तब प्रशासन और संबंधित विभाग को सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना चाहिए। खासकर ऊंचाई वाले और फिसलन भरे स्थानों पर पर्यटकों की आवाजाही नियंत्रित करने की जरूरत है। फिलहाल घायल युवक का उपचार जारी है। हादसे में युवक को कितनी गंभीर चोटें आई हैं और उसकी वर्तमान स्थिति कैसी है, इस संबंध में विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।
Updated on:
09 Aug 2026 06:19 pm
Published on:
09 Aug 2026 06:17 pm
