गरियाबंद

CG Tourism: जतमई-घटारानी में है प्राकृतिक सौंदर्य और धर्म का अनुपम संगम

CG Tourism: घटारानी का प्रमुख आकर्षण यहां का जलप्रपात है। मानसून के दौरान यह जलप्रपात अपने पूरे शबाब पर होता है और यहां का दृश्य अद्भुत होता है।

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CG Tourism: छत्तीसगढ़ राज्य के मध्य स्थित जतमई और घटारानी एक धार्मिक और पर्यटन स्थल के रूप में प्रसिद्ध हैं। इन दोनों स्थानों का महत्व धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यावरणीय दृष्टिकोण से अत्यधिक है। जतमई-घटारानी राजधानी रायपुर से केवल 87 किलोमीटर को दूरी पर स्थित है इसलिए यह क्षेत्र पिकनिक स्पॉट के रूप में भी प्रसिद्द है। आइए विस्तार से जानते हैं इन स्थानों के बारे में।

जतमई मंदिर


जतमई मंदिर गरियाबंद जिले के दक्षिण में स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यह मंदिर जतमई माता को समर्पित है, जो हिंदू धर्म की देवी दुर्गा का एक रूप हैं।

CG Tourism: स्थापना और इतिहास


जतमई मंदिर का निर्माण लगभग 20वीं शताब्दी में हुआ माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण ग्रामीणों ने मिलकर किया था। मंदिर के निर्माण में स्थानीय कला और संस्कृति का समृद्ध प्रदर्शन होता है।

वास्तुकला


जतमई मंदिर की वास्तुकला अद्वितीय है। मंदिर का मुख्य ढांचा सफेद संगमरमर से निर्मित है और इसमें देवी जतमई की मूर्ति स्थापित है। मंदिर के चारों ओर विस्तृत वन क्षेत्र और प्राकृतिक सौंदर्य है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है।

धार्मिक महत्व


जतमई माता को विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान पूजा जाता है। इस समय यहां भक्तों का तांता लगा रहता है और मंदिर में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान और कार्यक्रम आयोजित होते हैं। यहां का प्रमुख त्योहार नवरात्रि है, जब दूर-दूर से भक्त माता के दर्शन के लिए आते हैं।

घटारानी मंदिर और जलप्रपात


घटारानी जतमई से कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और इसका प्रमुख आकर्षण यहां का जलप्रपात और देवी घटारानी का मंदिर है।

स्थापना और इतिहास


घटारानी मंदिर का निर्माण भी जतमई मंदिर की ही तरह ग्रामीणों द्वारा किया गया था। यह मंदिर भी देवी दुर्गा को समर्पित है और यहां देवी घटारानी की पूजा होती है।

वास्तुकला


घटारानी मंदिर की वास्तुकला भी स्थानीय शैली में निर्मित है। यहां का वातावरण बेहद शांत और प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है।

जलप्रपात


घटारानी का प्रमुख आकर्षण यहां का जलप्रपात है। मानसून के दौरान यह जलप्रपात अपने पूरे शबाब पर होता है और यहां का दृश्य अद्भुत होता है। पर्यटक यहां आकर जलप्रपात का आनंद लेते हैं और पिकनिक मनाते हैं।

कैसे पहुंचें?


सड़क मार्ग: जतमई और घटारानी राजधानी रायपुर से लगभग 87 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं। रायपुर से यहां तक पहुँचने के लिए नियमित बस सेवा और टैक्सी उपलब्ध हैं।

रेल मार्ग: सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन रायपुर है, जो देश के सभी प्रमुख शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है। रायपुर से जतमई और घटारानी तक पहुँचने के लिए टैक्सी या बस का उपयोग किया जा सकता है।

वायु मार्ग: सबसे नजदीकी हवाई अड्डा रायपुर है। रायपुर से टैक्सी अथवा बस द्वारा जतमई और घटारानी पहुंचा जा सकता है।

CG Tourism: पर्यटन और गतिविधियां


धार्मिक पर्यटन: जतमई और घटारानी धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। यहां आने वाले भक्त मंदिर में पूजा-अर्चना करते हैं और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेते हैं।

प्राकृतिक पर्यटन: घटारानी का जलप्रपात पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और हरियाली पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देती है।

पिकनिक: इन स्थानों पर कई पर्यटक परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आते हैं। यहां का शांत वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता पिकनिक के लिए उपयुक्त है।

फोटोग्राफी: जतमई और घटारानी की प्राकृतिक सुंदरता और वास्तुकला फोटोग्राफरों के लिए स्वर्ग से कम नहीं है। यहां आकर वे अद्भुत तस्वीरें खींच सकते हैं।

स्थानीय संस्कृति और परंपरा


सांस्कृतिक महत्व: जतमई और घटारानी के मंदिर स्थानीय संस्कृति और परंपरा का प्रतीक हैं। यहां के लोग अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने के लिए विभिन्न पर्व और त्योहार मनाते हैं।

लोककथाएं और मान्यताएं: इन मंदिरों के साथ कई लोककथाएं और मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन मंदिरों में देवी की उपस्थिति होती है और उनकी पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक


जतमई और घटारानी छत्तीसगढ़ के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों में से एक हैं। इन स्थानों का धार्मिक, ऐतिहासिक और पर्यावरणीय महत्व अत्यधिक है। यहां की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक माहौल और सांस्कृतिक धरोहर पर्यटकों को आकर्षित करती है। इन स्थानों का दौरा करके न केवल धार्मिक अनुभव प्राप्त होता है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद लिया जा सकता है।

ये है जतमई और घटारानी डेटा चार्ट

यहाँ जतमई और घटारानी मंदिरों के पर्यटन से संबंधित एक डेटा चार्ट है। इस चार्ट में 2019 से 2023 तक के वर्षों में दोनों मंदिरों में आए पर्यटकों की संख्या दिखाई गई है। लाल रेखा बताती है जतमई मंदिर में आए पर्यटकों की संख्या और नारंगी रेखा से पता चलता है घटारानी मंदिर में आए पर्यटकों की संख्या का चार वर्षों का विवरण। जैसा कि चार्ट में दिखाया गया है, 2020 और 2021 में कोविड-19 महामारी के कारण पर्यटकों की संख्या में कमी आई, लेकिन 2022 और 2023 में यह संख्या फिर से बढ़ी है। यह चार्ट जतमई और घटारानी के पर्यटन में वृद्धि और गिरावट को स्पष्ट रूप से दर्शाता है और छत्तीसगढ़ में इन धार्मिक स्थलों की लोकप्रियता को समझने में मदद करता है।

वर्ष 2023 में पर्यटकों की संख्या

यहां वर्ष 2023 के लिए छत्तीसगढ़ के जतमई घटारानी में पर्यटकों की संख्या को दर्शाने वाला डेटा चार्ट है। यह चार्ट प्रत्येक महीने आने वाले पर्यटकों की संख्या को दर्शाता है, साथ ही रुझान और चरम अवधि पर प्रकाश डालता है।

CG Tourism: जतमई घटारानी में हर मौसम में ऐसे आते हैं पर्यटक

यह चार्ट में छत्तीसगढ़ के जतमई घटारानी में साल भर आने वाले पर्यटकों की संख्या को दर्शाता है। महीनों को x-अक्ष पर सूचीबद्ध किया गया है, और पर्यटकों की संख्या y-अक्ष पर दर्शाई गई है। यह दृश्य प्रतिनिधित्व इस स्थान पर पर्यटन में मौसमी रुझानों को समझने में मदद करता है।

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