
CG News: गरियाबंद जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व और आसपास के वन क्षेत्रों में उन दुर्लभ प्रजातियों की उपस्थिति फिर से बढ़ती दिखाई दे रही है, जो कभी पश्चिमी घाट और हिमालयी क्षेत्रों की पहचान मानी जाती थीं। मालाबार पाइड हॉर्नबिल, मालाबार विशाल गिलहरी और भारतीय उडऩे वाली गिलहरी जैसी प्रजातियाँ अब इस क्षेत्र में अपने नए विस्तार के साथ लौटती नजर आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव वन संरक्षण के बेहतर होते परिणामों का संकेत है।
छत्तीसगढ़ का सेंट्रल इंडियन हाइलैंड्स क्षेत्र पश्चिमी घाट, पूर्वी घाट और हिमालय के बीच एक महत्वपूर्ण पारिस्थितिक कड़ी के रूप में कार्य करता है। यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए प्राकृतिक आवागमन मार्ग यानी "फॉनल ब्रिज" की भूमिका निभाता है। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व इसी भू-भाग का हिस्सा है, जहां वृक्षों की सघन छतरी, सालभर जल स्रोत और फलदार वृक्ष इन प्रजातियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करते हैं।
हालांकि बीते वर्षों में अतिक्रमण, अवैध कटाई और शिकार के कारण वन्यजीवों पर दबाव बढ़ा था। वन विभाग ने वर्ष 2022 में डीएफओ वरुण जैन के नेतृत्व में आधुनिक तकनीक का उपयोग शुरू किया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सैटेलाइट इमेजिंग और रिमोट सेंसिंग के माध्यम से 1840 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में वन आवरण और जल स्रोतों का विश्लेषण किया गया।
वन संरक्षण में स्थानीय ग्रामीणों का योगदान भी महत्वपूर्ण रहा। ओढ, अमलोर, आमगांव, मेचका, कारिपानी सहित कई गांवों के निवासियों से पारंपरिक ज्ञान एकत्र किया गया, जिससे प्रजातियों के पुराने आवास और भोजन स्रोतों की जानकारी मिली। इस आधार पर वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने, जल संरक्षण और वृक्षारोपण जैसे कार्यों को गति दी।
पिछले तीन वर्षों में लगभग 850 हेक्टेयर अतिक्रमण हटाया गया, 21 तालाबों में सौर पंप लगाए गए तथा बड़े पैमाने पर फाइकस और फलदार वृक्षों का रोपण किया गया। जल संरक्षण के लिए चेक डैम और कंटूर ट्रेंच बनाए गए। साथ ही 60 से अधिक एंटी-पोचिंग अभियानों में बड़ी संख्या में शिकारियों और तस्करों पर कार्रवाई की गई।
प्राकृतिक रूप से अनेक दुर्लभ जीव-जंतु यहां देखने को मिल रहे हैं, जिससे यह क्षेत्र वन्यजीव शोधकर्ताओं और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण बन गया है। वन विभाग द्वारा लगाए गए आधुनिक कैमरा ट्रैप में बाघ के साथ-साथ कई दुर्लभ प्रजातियों के जीव-जंतुओं की तस्वीरें कैद हुई हैं। इन तस्वीरों ने यह साबित किया है कि जंगल में वन्यजीवों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।
Updated on:
29 Mar 2026 11:25 am
Published on:
29 Mar 2026 11:25 am
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
