
Chhattisgarh Accident News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। यहां एक बाइक सवार युवक टूटकर लटक रहे हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई।
हादसा इतना भयावह था कि देखते ही देखते बाइक आग का गोला बन गई और युवक को संभलने तक का मौका नहीं मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 37 वर्षीय यशवंत ध्रुव के रूप में हुई है, जो दसपुर गांव का निवासी था। बताया जा रहा है कि वह जंगल से तेंदूपत्ता संग्रह कर बाइक से अपने गांव लौट रहा था। इसी दौरान दसपुर बांध के पास सड़क किनारे बिजली खंभे से टूटा हुआ 11 केवी सप्लाई लाइन का तार नीचे लटक रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार यशवंत की गर्दन अचानक लटक रहे बिजली तार की चपेट में आ गई। तार में हाई वोल्टेज करंट प्रवाहित हो रहा था। करंट लगते ही तेज चिंगारी और आग की लपटें उठने लगीं। युवक को संभलने या भागने तक का मौका नहीं मिला। कुछ ही सेकंड में उसकी बाइक में भी आग लग गई।
हादसा इतना भयावह था कि आग की लपटों में घिरकर युवक बाइक सहित जलने लगा। आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते उससे पहले ही आग ने विकराल रूप ले लिया। स्थानीय लोगों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन हाई वोल्टेज करंट और आग के कारण कोई पास नहीं जा सका। मौके पर ही युवक की दर्दनाक मौत हो गई।
घटना की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। दर्दनाक मंजर देखकर लोग दहशत में आ गए। स्थानीय लोगों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि टूटे तार की जानकारी पहले भी दी गई थी, लेकिन समय रहते सुधार नहीं किया गया।
सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले में दुर्घटना के कारणों और बिजली लाइन की स्थिति की जांच की जा रही है।
इस हादसे के बाद बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुले और टूटे बिजली तार लगातार जानलेवा साबित हो रहे हैं। लोगों ने मांग की है कि ऐसे मामलों में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों।
इन दिनों तेंदूपत्ता संग्रहण का कार्य चल रहा है, जिसके कारण बड़ी संख्या में ग्रामीण जंगलों और दूरदराज इलाकों में आना-जाना कर रहे हैं। ऐसे में खुले बिजली तार और खराब विद्युत व्यवस्था ग्रामीणों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
यशवंत ध्रुव की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।