
जतमई रोड पर हरियाली और घुमावदार रास्ता (Photo Patrika)
CG Tourism: छत्तीसगढ़ में बारिश के मौसम के साथ ही प्रकृति के खूबसूरत नजारे लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने लगे हैं। हरियाली से ढकी पहाड़ियां, घुमावदार सड़कें और घाटियों के बीच सफर का आनंद अब लोगों को शहरों से बाहर खींच रहा है। गरियाबंद जिले में गायडबरी-जतमई माता मंदिर मार्ग पर नवनिर्मित नया घाट इन दिनों इसी वजह से लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह मार्ग न सिर्फ स्थानीय लोगों के आवागमन को आसान बना रहा है, बल्कि अब वीकेंड पर घूमने-फिरने के लिए भी लोगों की पसंद बनता जा रहा है।
पहले इस हिस्से में सड़क अपेक्षाकृत सकरी थी और घुमावदार रास्ते के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। मार्ग के चौड़ीकरण और नए घाट के निर्माण के बाद अब सफर पहले की तुलना में काफी सुगम हो गया है। सड़क बेहतर होने से स्थानीय ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को भी राहत मिली है।
नए घाट की सबसे खास बात इसकी प्राकृतिक खूबसूरती है। बारिश के दिनों में आसपास की पहाड़ियां और जंगल घनी हरियाली से ढक जाते हैं। घुमावदार सड़क के दोनों ओर दिखाई देने वाली हरियाली और घाटी का नजारा लोगों को रुकने पर मजबूर कर रहा है। रविवार और छुट्टी के दिनों में यहां आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। परिवार और दोस्तों के साथ आने वाले लोग सड़क किनारे रुककर तस्वीरें खींच रहे हैं और मोबाइल से वीडियो बनाकर इस खूबसूरत सफर की यादें संजो रहे हैं। कई लोगों के लिए यह जगह अब केवल आवागमन का मार्ग नहीं, बल्कि कुछ समय प्रकृति के बीच बिताने की पसंदीदा जगह बनती जा रही है।
नए घाट की खूबसूरती देखने के लिए लोगों की बढ़ती संख्या अब स्थानीय प्रशासन के लिए भी चुनौती बन रही है। खासकर रविवार को यहां वाहनों और लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। सड़क पर अचानक रुककर फोटो और वीडियो बनाने के कारण यातायात प्रभावित होने की आशंका रहती है। इसी वजह से भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की तैनाती करनी पड़ती है। लोगों को सड़क के बीच वाहन खड़ा नहीं करने और सुरक्षित तरीके से फोटो-वीडियो बनाने की समझाइश भी दी जाती है।
नए घाट और सड़क के निर्माण का एक बड़ा फायदा सड़क सुरक्षा के लिहाज से भी सामने आया है। पहले सकरे और घुमावदार हिस्से में वाहनों के आवागमन में परेशानी होती थी। सड़क चौड़ी होने से वाहनों को निकलने के लिए पर्याप्त जगह मिल रही है और दुर्घटना की आशंका वाले हिस्से में भी सुधार हुआ है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले बारिश के दौरान इस रास्ते से गुजरना ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता था। सड़क के बेहतर होने से अब ग्रामीणों को बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी कामों के लिए आने-जाने में सुविधा मिल रही है। इस मार्ग से गुजरने वाले यात्रियों के लिए भी यात्रा पहले की तुलना में आरामदायक हुई है।
प्रकृति और बेहतर सड़क का यह संगम राजधानी रायपुर से करीब 85 किलोमीटर की दूरी पर है। यही वजह है कि रायपुर और आसपास के इलाकों से लोग अब इसे छोटे सफर यानी वीकेंड डेस्टिनेशन के तौर पर देखने लगे हैं। बारिश के मौसम में यहां का प्राकृतिक स्वरूप और भी आकर्षक हो जाता है। सड़क के दोनों तरफ दिखाई देने वाली हरियाली और घाटी का दृश्य सफर को खास बना देता है। यही वजह है कि सोशल मीडिया के दौर में लोग यहां बनाए गए फोटो और वीडियो को अपने परिचितों के साथ साझा कर रहे हैं।
यह मार्ग गरियाबंद जिले के महत्वपूर्ण आवागमन वाले रास्तों में शामिल है। पांडुका से छुरा की ओर जाने वाले इस मार्ग पर सड़क निर्माण और घाट के विकास से आसपास के गांवों के लोगों को सीधा फायदा मिला है। गायडबरी और जतमई माता मंदिर की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी रास्ता पहले से अधिक सुविधाजनक हुआ है। सड़क की स्थिति बेहतर होने से स्थानीय स्तर पर आवागमन के साथ पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। यदि भविष्य में यहां सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के साथ मूलभूत सुविधाओं का विकास किया जाता है तो यह स्थान एक बेहतर स्थानीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित हो सकता है।
इस सड़क परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में शुरू हुआ था। परियोजना को वर्ष 2022 तक पूरा किया जाना था, लेकिन विभिन्न कारणों से काम निर्धारित समय पर पूरा नहीं हो सका। बाद में निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया गया और वर्ष 2025 में इसके पूरा होने का दावा किया गया। वहीं, उपलब्ध जानकारी के अनुसार वर्ष 2026 में निर्माण कार्य पूरी तरह पूरा हुआ। करीब 37.7 किलोमीटर लंबी सड़क के इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 109 करोड़ रुपए बताई गई है। लंबे समय के बाद सड़क और घाट का निर्माण पूरा होने से अब इसका लाभ स्थानीय लोगों को मिल रहा है।
Updated on:
18 Aug 2026 01:41 pm
Published on:
18 Aug 2026 01:39 pm
