Obscene Dance Case: गरियाबंद जिले में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है।
Obscene Dance Case: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अश्लील डांस का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कार्यक्रम की आड़ में अश्लीलता परोसने के आरोप में अब तक कुल 14 आयोजकों को गिरफ्तार किया गया है। मामले ने तूल पकड़ते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया।
पुलिस ने शांति भंग और सार्वजनिक अश्लीलता फैलाने की धाराओं के तहत देवेंद्र राजपूत, गोविंद देवांगन, नरेंद्र साहू, हसन खान, हरदयाल नागेश, मुकेश अग्रवाल, लाल कृष्ण कश्यप, राजेश कश्यप, 24 वर्षीय सचिन कश्यप, लीलाधर साहू, ललित कौशिक, विकास यादव, जम्बूधर और उमेश यादव को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार सभी 14 आरोपियों को आज देवभोग एसडीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर अश्लीलता फैलाने के मामलों में कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी बीएस उईके ने लापरवाही बरतने के आरोप में तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, जिनकी अनुमति से कार्यक्रम आयोजित हुआ था, मैनपुर एसडीएम को कार्यमुक्त कर दिया गया है। वायरल वीडियो में एसडीएम के डांसर पर नोट उड़ाते हुए नजर आने के बाद प्रशासन की कार्रवाई और तेज हो गई।
एसपी बीएस उईके ने साफ शब्दों में कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। सांस्कृतिक कार्यक्रम की आड़ में अश्लील डांस कराने वाले चार मुख्य आयोजकों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई है।
कलेक्टर ने पूरे मामले की जांच के लिए अपर कलेक्टर की अगुवाई में एक संयुक्त जांच टीम गठित की है। टीम में तहसीलदार अमलीपदर और थाना प्रभारी देवभोग को शामिल किया गया है। टीम को जल्द ही अपनी संयुक्त जांच रिपोर्ट सौंपनी होगी।
प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए देवभोग एसडीएम राम सिंह सोरी को मैनपुर का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अनुमति प्रक्रिया और निगरानी को और सख्त किया जाएगा।