गरियाबंद

गड्ढों में उतरे नेता, सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, रायपुर-ओडिशा मार्ग पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

Gariaband News: बारिश के बाद रायपुर-ओडिशा मार्ग की बदहाल हालत को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया। हाईवे के गड्ढों में बैठकर नेताओं ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और जल्द सड़क मरम्मत व चौड़ीकरण नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
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NH 130C
गड्ढों में उतरे नेता (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Chhattisgarh News: गरियाबंद-देवभोग-ओडिशा मार्ग (नेशनल हाईवे 130 सी) पर झरियाबहरा से मदांगुड़ा-गोहरापदर तक की सिंगल सड़क इन दिनों राहगीरों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है। बारिश के कारण सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। किनारों पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण आए दिन वाहन फंस रहे हैं या पलट रहे हैं, जिससे लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। इस दुर्दशा से आक्रोशित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मैनपुर के अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने हाईवे के गड्ढों में बैठकर अनोखा और उग्र विरोध प्रदर्शन किया।

सड़क पर जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढों के किनारे बैठकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों के हाथों में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और प्रदेश के अन्य मंत्रियों की तस्वीरें थीं। नेताओं का कहना था कि रायपुर को ओडिशा से जोड़ने वाला यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण मार्ग है, जिस पर प्रतिदिन सैकड़ों यात्री और भारी मालवाहक वाहन गुजरते हैं, लेकिन इसके रखरखाव में लगातार भारी लापरवाही बरती जा रही है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भरने से दोपहिया और चारपहिया चालक अपनी जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं।

शीघ्र मरम्मत न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी

ब्लॉक अध्यक्ष रामकृष्ण ध्रुव, महामंत्री गेंदु यादव, आदिवासी कांग्रेस अध्यक्ष दुलेन्द नेगी सहित अन्य नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने जल्द से जल्द इस मार्ग का चौड़ीकरण और गड्ढों की मरम्मत का कार्य शुरू नहीं कराया, तो आने वाले दिनों में और भी बड़ा उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और संबंधित विभाग की होगी।

इस प्रदर्शन के दौरान सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और स्थानीय नागरिकों व राहगीरों ने भी इस समस्या को लेकर अपना समर्थन दिया। इस अवसर पर लिकेश यादव, डोमार साहू, अर्जुन नायक, तीव कुमार सोनी, प्रमोद नेताम, इम्तियाज मेमन, इमरान रजा और गौकरण नागेश सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

उधर, जर्जर स्कूल भवनों और शिक्षक संकट पर युवा कांग्रेस ने उठाई मशाल

देवभोग ब्लॉक में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली, जर्जर स्कूल भवनों और विभिन्न स्थानीय समस्याओं को लेकर युवा कांग्रेस ने गुरुवार शाम एक विराट मशाल रैली निकाली। विश्रामगृह से लेकर गांधी चौक तक सैकड़ों की संख्या में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में मशाल लेकर प्रदर्शन किया और शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान शिक्षा व्यवस्था में सुधार और स्कूलों के लिए नए भवनों की मांग जोर-शोर से उठाई गई।

जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व विधायक प्रत्याशी संजय नेताम ने आरोप लगाया कि जिले में शिक्षा व्यवस्था बेहद दयनीय स्थिति में है। उन्होंने बताया कि जिले में कई प्राथमिक शालाएं शिक्षकविहीन हैं, दर्जनों विद्यालय एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं और कई स्थानों पर बच्चे पेड़ों के नीचे या मवेशी शेड (गाय कोठे) में पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

युवा कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन और समर्थन की अपील

मशाल रैली से पूर्व गांधी चौक पर कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी और नारेबाजी करते हुए युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक व अन्य प्रत्याशियों का स्वागत किया। इसके बाद विश्रामगृह में हुई बैठक में जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, संजय नेताम और ब्लॉक अध्यक्ष भूपेंद्र माझी सहित कई नेता मौजूद रहे।

बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पद के प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक, जिला अध्यक्ष प्रत्याशी आकाश दीक्षित, विधानसभा प्रत्याशी सिद्धार्थ निधि, देवभोग ब्लॉक अध्यक्ष प्रत्याशी निराकार डोंगरे और अमलीपदर ब्लॉक अध्यक्ष प्रत्याशी विकास यादव ने युवाओं से समर्थन की अपील की। वक्ताओं ने शिक्षा की बदहाली, बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ सड़क पर उग्र संघर्ष करने तथा किसान-मजदूरों के साथ खड़े रहने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में तरुण नागेश, सन्नी मेमन सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रमुख मांगें और स्कूलों की दुर्दशा

जामगुरियापारा:प्रधानमंत्री आवास योजना में संचालित स्कूल के लिए पृथक भवन उपलब्ध कराया जाए।

कुरलापारा और लियाहारीपारा: जर्जर हो चुके स्कूल भवनों को डिस्मेंटल कर नए भवन एवं अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएं।

बुनियादी सुविधाएं: जमीन पर बैठकर पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए तत्काल कुर्सी-टेबल, पेयजल और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।

Updated on:
28 Aug 2026 06:21 pm
Published on:
28 Aug 2026 06:21 pm